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जेसीबी से बीडीसी का ढ़हा दिया घर, बिलखते रहे परिजन

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गोंडा। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के बाद अब रंजिश का दौर शुरू हो गया है। परसपुर थाने के नंदौर गांव में एक क्षेत्र पंचायत सदस्य मैनुद्दीन का घर दबंगों ने जेसीबी से ढहा दिया। बीडीसी सदस्य ने भाजपा से जुड़े एक नेता को वोट देने से मना किया था। बाद में प्रमुख का चुनाव निर्विरोध हो गया तो गांव के एक व्यक्ति ने उस समय बात न मानने पर जेसीबी से घर ही ढहा दिया।
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बीडीसी मैनुद्दीन का पूरा परिवार जेसीबी के आगे बिलखता रहा, लेकिन जेसीबी दहाड़ती रही। पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने जानकारी होने पर आईजी, एसपी व एसओ को फोन किया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई लेकिन तब तक घर पूरा गिर चुका था। बाद में पुलिस जेसीबी खींच लाई है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
परसपुर में ब्लाक प्रमुख चुनाव में भाजपा से ही दो लोग दावा कर रहे थे। चुनाव से पहले दोनों दावेदार क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि नंदौर से क्षेत्र पंचायत सदस्य मैनुद्दीन से भी प्रत्याशियों ने संपर्क किया।
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उसने वोट देने से मना कर दिया था, बाद में प्रमुख का चुनाव निर्विरोध हो गया। बीडीसी का समर्थन दिलाने की जिम्मेदारी लिए गांव के नेताओं को यह रास नही आया। उन्होंने मौका देखकर रविवार को अपना जर्जर घर गिराने के लिए जेसीबी मगवाई और उसी से लगे बीडीसी मैनुद्दीन का बना घर भी ढहा दिया।
यह देखकर मैनुद्दीन की पत्नी व बच्चे जेसीबी के आगे लेट गए और बिलखते रहे, किए घर न गिराएं। हाथ भी जोड़े लेकिन उनकी किसी ने एक न सुनी। इससे गांव के लोगों में भी आक्रोश फैल गया और उन लोगों ने घेर कर जेसीबी रोक लिया। गांव के लोगों के आक्रोश को देखते हुए कुछ लोग मौके से फरार हो गए।
दो लोगों को गांव के लोगों ने पकड़े रखा। मामले की जानकारी पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने आईजी को दिया। आईजी ने पुलिस से पूरी रिपोर्ट मांगी तो पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और जेसीबी भी थाने खींच लाई है।
पुलिस ने मामले की जांच किया तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। थानाध्यक्ष परसपुर सुधीर सिंह कहते हैं कि गांव के यशवंत सिंह ने अपने घर को गिराने के लिए जेसीबी मंगाई थी। उनका घर जर्जर था और फिर से बनवाना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने अपने घर के साथ ही मैनुद्दीन का घर भी गिरा दिया।
मामले की जानकारी होने पर जांच किया गया है। बताया जा रहा है कि मैनुद्दीन का घर भी दूसरे की भूमि पर बना है। यशवंत सिंह के पूर्वजों ने ही मैनुद्दीन के परिवार को गुजर बसर के लिए भूमि दी थी।
उन्होंने कहा कि जो भी किसी दूसरे का मकान बिना उसकी सहमति के गिराने का प्रयास अपराध है। यशवंत सिंह को हिरासत में ले लिया गया है और जेसीबी थाने ले आए हैं। मैनुद्दीन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
सपा नेता व पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने नंदौर गांव में बीडीसी के घर ढहाए जाने की घटना को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों से बात करके कार्रवाई कराने के साथ ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी है। उन्होंने कहा कि परसपुर ब्लाक का निर्वाचन निर्विरोध हो चुका है, इसके बाद भी वोट देने से मना करने वाले सदस्यों को निशाना बनाया जाना अन्याय है।
यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, स्थानीय पुलिस ऐसी घटनाओं को लेकर गंभीर नही हो रही है। आईजी और एसपी तक से बात करने पर कार्रवाई हो पाई है। उन्होंने कहा कि मैनुद्दीन थाने गए तो उन्हें उन लोगों के पास भेज दिया गया, जो घर गिराने के जिम्मेदार थे।
वहां पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। आईजी के कड़ा रुख अपनाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। उसमें भी लीपापोती की जा रही है। पूर्व मंत्री ने कहा कि वह खुद मौके पर जाएंगे और मामले से शासन को भी अवगत कराएंगे।
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