विश्नोहरपुर/गोंडा। नवाबगंज के दत्तनगर स्थित ढेमवा घाट पर पीपा पुल हटने के बाद गोंडा और अयोध्या के बीच आवागमन का संकट गहरा गया है। जलस्तर बढ़ने और मार्ग पर पानी भर जाने के कारण पुलिस ने जनहानि की आशंका को देखते हुए बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया है। दूसरी ओर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सरकारी स्टीमर चलाने की टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी न हो सकने से काफी संख्या में लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। नदी पार करने के लिए उन्हें निजी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
शासन ने 15 जून के बाद जलस्तर बढ़ने पर पीपा पुल हटाकर स्टीमर संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए थे। लोक निर्माण विभाग को समय रहते टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी थी, लेकिन पीपा पुल हटने के बावजूद स्टीमर सेवा शुरू करने के लिए अभी तक निविदा प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तकनीकी निविदा तो खुल चुकी है, जबकि वित्तीय निविदा की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
ढेमवा मार्ग से दत्तनगर, गोकुला, व्योन्दा, बहादुरपुर, बनगांव समेत करीब दो दर्जन गांवों के लोगों का रोजाना आवागमन होता है। बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पाद कारोबारी अयोध्या जाते हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राएं, शिक्षक, बैंककर्मी और अन्य विभागों के कर्मचारी भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। मनकापुर और तरबगंज क्षेत्र के लोग भी लखनऊ जाने के लिए इसी रास्ते को सुविधाजनक मानते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से इस मार्ग की समस्या बनी हुई है। मार्ग कटने के बाद से इसका कोई भी स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
पिछले वर्ष आईआईटी रुड़की की टीम ने अध्ययन भी किया, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी। इस बार भी आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही पीपा पुल हटा लिया गया है। ऐसे में नदी पार करने के लिए लोगों को निजी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
जल्द होगा स्टीमर का संचालन
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्टीमर संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द ही नदी पार कराने के लिए सरकारी स्टीमर सेवा का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।