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बैंकों ने जमा किए 140 करोड़

Thu, 10 Nov 2016 11:58 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
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बैंंक में जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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बैंकों में गहमागहमी के बीच ग्राहकों से 500 व 1000 के नोटों का करीब 140 करोड़ रुपये जमा कराया गया। जबकि लोगों की मांग पर प्रति ग्राहक एक हजार रुपये के हिसाब से करीब 110 करोड़ रुपये का भुगतान करने का दावा किया गया है। वहीं, गुरुवार को 500 व 1000 के पुराने नोट जमा करने को लेकर बैंकों में आपाधापी का माहौल रहा।
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बैंकों में नोट जमा करने को लेकर सुबह से देर शाम तक लंबी लाइनें लगी रहीं। नोट जमा करने के दौरान बैंकों में ग्राहकों की भीड़ रही। इस दौरान 500 व 1000 के नोट जमा कराने को लेकर लोगों को भीड़ होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बैंकों में भीड़ बढने की आशंका को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बैंकों पर लगे सुरक्षा कर्मियों को भी ग्राहकों को लाइन लगवाने में मशक्कत करनी पड़ी।

इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत कई बैंकों में जमा पर्ची भरने वाले ग्राहकों को टोकन बांटे गए थे, ताकि लोग नंबर से जाएं और जमा काउंटर पर लोगों का दबाव न बढ़ सके। बैंक अधिकारियों का कहना है कि लोग परेशान न हों। थोड़ा सब्र रखें और सामान्य तरीके से बैंकिंग करें तो कोई दिक्कत नहीं आएगी। 
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बैंकों को सुबह से शाम छह बजे तक बैंकिंग कार्य करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इलाहाबाद समेत कई बैंकों के कई ब्रांच के अधिकारियों ने चार बजे ही गेट पर ताला जड़वा दिया। बैंकों को शाम छह बजे तक लोगों के रुपये स्वीकार करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन कई बैंकों में मनमानी की गई।

एसके शर्मा ने बताया कि वह गुरुवार को इलाहाबाद बैंक रानीबाजार शाखा पर नोट बदलने व पैसा निकालने गये थे, लेकिन शाम को 4.00 बजे ही गेट पर ताला लगा मिला। ऐसे में उन्हें मायूस लौटना पड़ा। जबकि उन्हें रोजमर्रा की कई जरूरी सामान व दवाएं लेनी थीं। बैंकों की मनमानी से लोगों में नाराजगी है। 

लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत वाहनों में तेल भराने के दौरान आ रही है। जैसा कि सरकार ने अपने आदेश में कहा था वैसा नहीं हो पाया। पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकार के आदेश को ठेंगा दिखा दिया। पेट्रोल पंप पर गुरुवार को वाहन चालकों व सेल्समैन में तेल लेने को लेकर खूब चिकचिक होती रही।

सरकार के आदेश के बावजूद पेट्रोल पंप संचालकों ने उपभोक्ताओं का कोई सहयोग नहीं किया। वाहन में तेल भराने गए शेष मणि मिश्रा ने बताया कि वह तेल भराने टंकी पर गए थे तो सेल्समैन का कहना है था कि जितने का तेल भरवा रहे हो, उतना फुटकर पैसा दो।

उसका तर्क था कि उसके पास फुटकर नहीं हैं। पांच सौ व एक हजार के नोट दे रहे हैं तो वाहन में उतने पूरे का तेल भरवाएं तो 500 व 1000 को नोट ले लेंगे। ऐसे में कई लोगों ने पांच सौ का तेल भराया, लेकिन जिनके पास उतना खर्च करने का बजट नही था, टंकी के कर्मियों ने उन्हें उस नोट के बदले कम का तेल देने से हाथ खड़े कर दिए।  

लोगों के पास से छोटे नोट व फुटकर पैसे लगभग खर्च हो जाने से अब कुछ लोगों के पास तो पैसे ही नहीं रह गए है ंऔर कुछ के पास हैं भी तो वह बड़े व प्रतिबंधित नोट बचे हैं। हालात यह है कि अब लोगों के पास पैसे नहीं बचे हैं।

ऐसे में लोगों के सामने रोजमर्रा की चीजें खरीदना मुश्किल हो गया है। क्योंकि उनके पास 500 व 1000 रुपये के अलावा कोई पैसा नहीं बचा है। ऐसे में लोगों का दुकानदारों पर दबाव है कि जब तक नई करेंसी या फिर बैंक से छोटे नोटों का भुगतान न मिल जाए, तक भाई उधारी में ही सामान देते रहें। मिलने पर जो बकाएदारी बनेगी, दी जाएगी। पैसे की कमी से लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। 

जिला प्रशासन ने पुरानी करेंसी जमा करने व नई करेंसी या फिर सौ और पच्चास रुपये का भुगतान पाने की आदि की जानकारी के लिए कंट्रोल रूम नंबर स्थापित किया है। जिला प्रशासन व बैंक अधिकारियों की निगरानी में चलने वाले इस कंट्रोल रूम नंबर 05262-233666, 233888 पर काल करके अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ जानकारी ले सकता है। 

एलडीएम गोंडा एके पांडेय ने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे परेशान न हों, सामान्य तरीके से बैंकिंग करते रहें। जो भी समस्याएं आज हैं, दो-चार दिन में सामान्य हो जाएंगी। जिले में गुरुवार को लगभग 140 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी जमा कराई जा चुकी है। करीब 110 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। बैंक शाखाओं को भुगतान के लिए पांच-पांच लाख रुपये दिए गए हैं। ग्राहकों को चाहिए कि वे कोई जल्दबाजी न करें।
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