प्रदेश के 74 जिलों को पीछे छोड़ते हुए बलरामपुर जनपद एटीएंडसी (एग्रीगेट टेक्निकल एंड कॉमर्शियल लॉसेस) लॉस कम करने वाला एक ऐसा जिला बन गया है, जहां अरबन एरिया में महज छह फीसदी बिजली की बर्बादी एटीएंडसी लॉसेस के तौर पर हो रही है। जबकि मंडल क्या, सूबे के अन्य 74 जिलों में एटीएंडसी लॉसेस का परसेंटेज 15 फीसदी से ऊपर है।
पहले यह रिकॉर्ड मंडल के ही श्रावस्ती जिले के नाम हुआ करता था, लेकिन इस बार बलरामपुर ने एटीएंडसी लॉसेस कम करने में श्रावस्ती को भी पीछे छोड़ दिया है।
प्रदेश में बिजली की बर्बादी रोकने और उसके सदुपयोग के लिए पूरा पावर कॉर्पोरेशन अमला दिन-रात एक किए हुए है। प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल की ओर से समय-समय पर इसके लिए शहरों व गांवों में खराब मीटर बदलने, नए मीटर लगाने, एक-एक घर की मीटर रीडिंग लेकर उसकी बिलिंग करने संबंधी तमाम अभियान चलाए जा रहे हैं।
साथ ही गांव व शहरों में कम बिजली खपत वाले एलईडी बल्ब भी रियायती दरों पर बांटे जा रहे हैं, ताकि किसी भी सूरत में जो लाइन लॉस (बिजली की बर्बादी) मौजूदा समय शहरों व गांवों में हो रही है, उस पर काबू पाते हुए एटीएंडसी लॉसेस के परसेंटेज को 15 फीसदी से नीचे लाया जा सके।
इसके पीछे पावर कॉर्पोरेशन की मंशा सिर्फ लोगों को अच्छी बिजली देना ही नहीं है, बल्कि व्यर्थ में बर्बाद हो रही बिजली को बचाना भी है। इसे लेकर कॉर्पोरेशन का यह अभियान हर शहर व गांव में जारी है।
कॉर्पोरेशन के चार वितरण खंडों में एकमात्र मंडल के श्रावस्ती जिले का एटीएंडसी लॉस अभी तक सूबे के सभी 74 जिलों से कम था।
लेकिन इस बार बलरामपुर शहरी क्षेत्र की हुई बिलिंग में जो ब्यौरा एचसीएल से कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने जुटाया है, उसमें बलरामपुर जिले ने एटीएंडसी लॉस के मामले में श्रावस्ती जिले को भी पीछे छोड़ दिया है, जहां एटीएंडसी लॉस महज छह फीसदी है। वहीं अगस्त से इस बार बलरामपुर जनपद ने ढाई गुने की राजस्व में बढ़ोत्तरी भी की है।
बलरामपुर जनपद का परफारमेंस इस महीने केवल मंडल ही नहीं, बल्कि पूरे सूबे में सबसे अच्छा रहा है। यहां बिजली का दो प्रकार से होने वाला एटीएंडसी लॉस इस बार छह फीसदी रहा है, जो मंडल ही नहीं, बल्कि पूरे सूबे के लिए एक बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन