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Gonda News: फर्जी ब्लड बैंक कार्ड मामले में जमानत अर्जी खारिज

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गोंडा। फर्जी ब्लड बैंक कार्ड से मरीजों को खून उपलब्ध कराने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोपी बृजेश कुमार शुक्ला की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश दानिश हुसैन ने मामले की गंभीरता और विवेचना में सामने आए तथ्यों को देखते हुए राहत देने से मना कर दिया। मामला नगर कोतवाली में दर्ज मामले से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार मामले में आरोपियों के कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजेबल सिरिंज, नौ मोबाइल फोन और 3,810 रुपये बरामद हुए थे। आरोप है कि मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराने के नाम पर रकम लेकर ब्लड बैग के लेबल में हेरफेर किया जाता था। अदालत ने विवेचना जारी होने और अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए बृजेश कुमार की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।-संवाद
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चोरी के आरोपी को सशर्त जमानत
गोंडा। कटरा बाजार में घर से जेवरात व नकदी चोरी के आरोपी मोहम्मद नईम को अदालत ने सशर्त जमानत दे दी। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश दानिश हुसैन की अदालत ने 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें व व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहाई का आदेश दिया। अभियोजन के अनुसार नईम पर रुखसार के घर से सोने-चांदी के जेवर और 28,500 रुपये चोरी करने का आरोप है। - संवाद
सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण मामले में आदेश निरस्त
गोंडा। सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण हटाने के मामले में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय संदीप तिवारी की अदालत ने उपजिलाधिकारी करनैलगंज का आदेश निरस्त कर दिया। मामला मंशा राम की दांडिक निगरानी याचिका से जुड़ा है। दोनों पक्षों को 29 सितंबर को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।-संवाद
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आदेश निरस्त, अब 15 को होगी सुनवाई
गोंडा। संतोष की मौत मामले में अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संदीप तिवारी की अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के शिकायत खारिज करने के आदेश को निरस्त कर दिया। शिवमुंदर ने बेटे संतोष की हत्या का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। आरोप था कि 12 मई 2015 को कुछ लोग संतोष को बाइक से ले गए थे, जिसके चार दिन बाद उसकी मौत की सूचना मिली। पोस्टमार्टम में जहर पाए जाने के बावजूद निचली अदालत ने इस तथ्य पर पर्याप्त विचार नहीं किया। निगरानी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए मामला दोबारा सुनने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।-संवाद
दस साल पुराना परिवाद खारिज
गोंडा। सिविल जज (जू.डि.)/एफटीसी द्वितीय योगेंद्र प्रताप सिंह की अदालत ने करीब 10 साल पुराने प्रकीर्ण वाद में परिवादी की लगातार अनुपस्थिति पर परिवाद निरस्त कर दिया। मामला वर्ष 2016 में चिन्ताराम बनाम बच्चाराम आदि के नाम से दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से लगातार कोई उपस्थित नहीं हुआ और न ही स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। -संवाद
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