गोंडा। रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए बहराइच के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) एवं आधार सेवा केंद्र के जिला प्रबंधक आशुतोष पांडेय को राहत नहीं मिली है। प्रभारी एडीजे व विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) फूलचंद्र कुशवाहा ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अभियोजन के अनुसार बहराइच जिले के बहादुरपुर चक निवासी राजेंद्र कुमार ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि सीएससी और आधार सेवा केंद्रों के संचालन के एवज में जिला मैनेजर आशुतोष पांडेय 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। रिश्वत न देने पर केंद्र बंद कराने की धमकी दी जा रही है।
शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन संगठन देवीपाटन मंडल की टीम ने 19 मई को जाल बिछाकर जिला प्रबंधक आशुतोष पांडेय को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था। तलाशी के दौरान उसके पास से रिश्वत की रकम बरामद होने का दावा किया गया।
जमानत अर्जी में आरोपी की ओर से कहा गया कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत अर्जी का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आशुतोष पांडेय की जमानत याचिका निरस्त कर दी।