आंधी में गिरे खंभे को नहीं कर सके दुरुस्त।
गोंडा। क्षेत्र में 24 मई को आई तेज आंधी और बारिश के बाद जिले के ग्रामीण इलाकों में बाधित हुई बिजली आपूर्ति व्यवस्था अभी तक पटरी पर नहीं लौट सकी है। नवाबगंज क्षेत्र के विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 150 से अधिक गांवों और मजरों में पिछले एक सप्ताह से व्याप्त बिजली संकट के कारण दो लाख की आबादी को उमस भरी गर्मी में दिक्कत उठाना पड़ रही है। बिजली न आने से पेयजल का संकट लोगों को दोहरी परेशानी दे रहा है। उमस भरी गर्मी में लोगों को रातें हाथ के पंखे के सहारे गुजारनी पड़ रही हैं।
रघुराजनगर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के देवीनगर ग्राम प्रधान जयराम चौहान ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के 17 मजरों में से मंगलवार तक केवल तीन मजरों में ही बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी है। बहादुरापुर निवासी अरुण कुमार निषाद ने बताया कि गांव में दो बिजली पोल टूट गए थे, जिन्हें अब तक बदला नहीं गया है।
टिकरी पांडेय गांव में ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त 11 हजार केवी लाइन को अस्थायी रूप से बांस और बल्लियों के सहारे संभाल रखा है।
मोहनपुर, उमरिया, रघुराजनगर, तरबगंज, चकशिवरहा, मैनपुर, खड़ऊंवा, रामपुर, लौव्वा टेपरा और गिरधरपुर समेत करीब 150 गांवों और मजरों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से मोबाइल चार्जिंग, पेयजल आपूर्ति के साथ अन्य दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव ने बताया कि आंधी-तूफान में टिकरी जंगल समेत नवाबगंज क्षेत्र के 11 विद्युत उपकेंद्रों के अंतर्गत बड़ी संख्या में बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए थे। क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने का कार्य चल रहा है। दावा किया कि अगले दो से तीन दिनों में सभी प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कराने का हर संभव प्रयास रहेगा।