गोंडा। देश को आजादी दिलाने में क्रांतिकारियों के लंबे संघर्ष, बलिदान और त्याग में जनपद के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामचंद्र श्रीवास्तव उर्फ बच्चू बाबू की भूमिका अद्वितीय रही है। यह बात रामचंद्र श्रीवास्तव उर्फ बच्चू बाबू की 28वीं पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव बहलोलपुर में समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि देते हुए शिक्षक जगदंबा प्रसाद दूबे ने कहीं। उन्होंने कहा कि सन् 1942 में बच्चू बाबू ने क्रांतिकारी साथी राजेश्वरी प्रसाद के साथ टाॅमसन इंटर काॅलेज और राजकीय इंटर काॅलेज की प्राचीर से ब्रितानी हुकूमत का झंडा यूनियन जैक उतारकर फूंक दिया था और उसके स्थान पर भारतीय ध्वज फहराकर फिरंगियों को खुली चुनौती दी थी।
ग्राम बहलोलपुर के अध्यापक रक्षाराम, कमलेश तिवारी, शिवराज दूबे, विंदेश्वरी दूबे, आज्ञाराम मिश्र, जवाहर लाल मौर्य, रामजी, प्यारे लाल मौर्य, विष्णु प्रसाद मौर्य और शिव प्रसाद मिश्र आदि ने बच्चू बाबू की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके पुत्र ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव व पौत्र अनमोल ने बच्चू बाबू के आदर्शों को नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।