गोंडा। स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना को बहुत हल्के में लिया है। जिले में कुल 64 अस्पताल हैं लेकिन आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का इलाज सिर्फ आठ अस्पताल में ही कराया जा रहा है। जिले में 2.2 लाख परिवार के लिए गंभीर बीमारियों का इलाज कराने में 64 अस्पताल नाकाफी साबित हो रहे हैं। कई बार समय से इलाज न होने से परेशान मरीजों को गैर जनपद व दूसरे निजी अस्पतालों में जाकर इलाज कराना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जैसी बड़ी योजना में मौजूदा समय में 2.2 लाख परिवार जुड़े हैं इसके अलावा अभी भी इस योजना में नये लाभार्थियों को जोड़ा जा रहा है। भारत सरकार की ओर से इस योजना के लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। लाभार्थियों को आसानी से उनके क्षेत्र में ही इलाज की सुविधा मिल सके अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। अभी भी जिल के करीब चार दर्जन ऐसे पंजीकृत अस्पताल हैं जिन्हें इस योजना के लिए अधिकृत कर जोड़ा नहीं गया है।
फैक्ट फाइल
* कुल लाभार्थी परिवार - 2,02,735
* आयुष्मान गोल्डन कार्डधारक - 50,000
* मुख्यमंत्री जनआरोग्य से जुड़े लाभार्थी - 5,176
* आयुष्मान योजना से इलाज कराने वाले - 3,700
* अब तक इलाज पर व्यय की गई रकम - 1.70 करोड़
23 को मनेगा आयुष्मान भारत दिवस
23 सितंबर को आयुष्मान भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन सभी चयनित अस्पतालों में हेल्थ कैंप लगाया जाएगा। 23 सितंबर को आयुष्मान भारत योजना शुरू होने का एक साल पूरा हो रहा है। कैंप में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों का चेकअप किया जाएगा। गंभीर बीमारी होने पर उन्हें इलाज के संबंधित चिकित्सालयों को रेफर किया जाएगा। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से योजना के जन जागरूकता के लिए प्रभात फेरी भी निकाली जाएगी। इसमें सरकारी स्कूल के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा।
इलाज करने में लाभार्थी से वसूल ली रकम
आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का इलाज निशुल्क किया जाना है। इसमें किसी भी तरह से मरीज से पैसा नहीं लिया जाना है, लेकिन मौका पाकर कुछ निजी क्षेत्र के चिकित्सालयों में मनमानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी शिकायत मिली है। शहर के एससीपीएम हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए गये मरीज से जांच कराने के नाम पर 600 रुपये से अधिक जमा करा लिया गया। इस मामले में जिले के उमरीबेगमगंज गांव के सुरेन्द्र सिंह ने अधिकारियों से शिकायत की उनका आरोप था कि वह पत्नी का इलाज कराने के लिए ले गया था जहां पर उससे पैसे लिये गये। उसने इसकी शिकायत शासन के जन सुनवाई पोर्टल पर की थी। इस मामले में आयुष्मान भारत योजना के जिला शिकायत प्रबंधक शिवांस मिश्रा ने बताया कि शिकायत का निस्तारण कराया गया। मरीज को एससीपीएम से पैसा वापस दिलाया गया। उन्होंने बताया कि कोई भी लाभार्थी इलाज के लिए पैसा मांगे जाने की शिकायत टोल फ्री नंबर -14555 पर कर सकता है।
आयुष्मान योजना के लाभार्थियों की संख्या बढ़ने पर अस्पतालों की भी संख्या बढ़ाई जाएगी। इस योजना से कोई भी पंजीकृत निजी अस्पताल जुड़ सकता है। प्रस्ताव भेजने पर उसे इस योजना के मरीजों का इलाज करने के लिए अधिकृत कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में जिले के दोनो सरकारी जिला चिकित्सालयों के अलावा छह निजी अस्पताल शामिल हैं। लाभार्थियों को केयर कर उनके समुचित इलाज के लिए इस बार जिले के सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी शामिल किया गया है। -डॉ. संदीप कुमार तिवारी, जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत