गोंडा। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को अजीबोगरीब मामला सामने आया। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि मरीज की मौत के बाद उसे कोविड बिल्डिंग रेफर कर दिया गया। तीमारदारों ने सीएमएस के चैंबर के सामने शव रखकर जमकर हंगामा काटा। हालांकि बाद में अफसरों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
परसपुर के प्योली पूरे बिलंद निवासी श्रीराम रविवार रात करीब एक बजे बेहोश हो गए। बेटे विक्रम व पड़ोसी करण सिंह ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। करण ने बताया कि पिता को मेडिकल फीमेल वार्ड में भर्ती कर शुगर मापा गया। उनका शुगर लेवल 350 के करीब था। डॉक्टर ने बाहर से इंसुलिन इंजेक्शन व तीन अन्य दवाएं लाने के लिए कहा। आरोप है कि 455 रुपये की दवाएं लाने के बावजूद स्टाफ ने मरीज को इंजेक्शन नहीं लगाया। अन्य दवाएं भी नहीं दीं।
करण ने बताया कि सोमवार दोपहर स्टाफ नर्स ने कहा कि इनकी हालत गंभीर है। कोविड बिल्डिंग में ले जाइए या किसी बड़े अस्पताल में भर्ती कराइए। करण का कहना है कि उन्होंने जब पिता की नाड़ी देखी तो उनकी मौत हो चुकी थी। तीमारदारों से बीएचटी पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए। भड़के परिजनों ने सीएमएस के चैंबर के बाहर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह व अस्पताल प्रबंधक डॉ. आशुतोष सिंह मौके पर पहुंचे। तीमारदारों को समझा-बुझाकर शव घर ले जाने के लिए राजी किया। करण ने बताया कि बारिश कम होने के बाद प्रधानाचार्य व सीएमएस से लिखित शिकायत की जाएगी।
गंभीर स्थिति में किया गया था रेफर
मरीज की हालत गंभीर थी। शुगर हाइपरटेंशन सहित अन्य समस्याओं से पीड़ित था। मरीज को गंभीर स्थिति में रेफर किया गया था। बाद में उसकी मौत हुई है। परिजनों को समझाकर घर भेज दिया गया है।
डॉ. अनिल तिवारी, सीएमएस