जन समस्याओं का निराकरण न होने से नाराज लोकतंत्र रक्षक सेनानी ने रविवार को राजा बाजार में आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस आत्मदाह को विफल कर लोकतंत्र रक्षक सेनानी को थाने ले आई। दो घंटे बाद जन समस्याओं के निराकरण का आश्वासन देकर अधिकारियों ने उन्हें छोड़ दिया।
बताते चलें कि लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद ने नगर पालिका उतरौला के अधिशाषी अधिकारी का स्थानांतरण किए जाने, पालिका में कई वर्षों से एक ही पटल पर तैनात कर्मचारियों का पटल बदले जाने तथा नगर की समस्याओं का निराकरण किए जाने की मांग को लेकर 21 सितंबर से क्रमिक अनशन शुरू किया था।
22 सितंबर को जिलाधिकारी के आश्वासन पर क्रमिक अनशन समाप्त करते हुए 24 सितंबर तक मांगें न पूरी होने पर 25 सितंबर को आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। जिलाधिकारी के आश्वासन के बावजूद 24 सितंबर तक मांगों पर प्रभावी कार्रवाई न होने से नाराज लोकतंत्र रक्षक सेनानी ने रविवार को राजा बाजार में आत्मदाह का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद उतरौला कोतवाली की पुलिस आत्मदाह को विफल करते हुए लोकतंत्र रक्षक सेनानी को थाने ले आई। तहसीलदार संतोष सिंह ने बताया कि नगर पालिका में कई वर्षों से एक ही पटल पर कार्यरत कर्मचारियों का पटल बदल दिया गया है। लोकतंत्र रक्षक सेनानी की शेष मांगों को शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। लोकतंत्र रक्षक सेनानी को कोतवाली से छोड़ दिया गया है।