डेंगू से बीमार मरीजों का आंकड़ा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। मनकापुर के कई गांव डेंगू से प्रभावित चल रहे हैं। जहां इससे बीमार होने वाले मरीजों की संख्या एक दर्जन के करीब पहुंच गई है। सीएचसी से ऐसे बीमारों को हायर सेंटर इलाज कराने के लिए रेफर किया जा रहा है। लेकिन जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों की सुनने वाला कोई नहीं है। वहीं कटराबाजार के एक विद्यालय में तैनात अध्यापक को डेंगू हो जाने पर उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया है।
मनकापुर के ग्रामीण व नगर क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप है। डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से इलाके में दर्जन भर लोग पीड़ित है। जिन्हें न तो सीएचसी पर इलाज की सुविधा मिल पा रही है और न ही जिला अस्पताल में।
मनकापुर के कुड़वासीर गांव निवासी महेश तिवारी, बैरीपुर गांव निवासी मुकेश मिश्रा, बक्सरा गांव के दिलीप यादव, मनकापुर कस्बे के तैय्यब हाशमी व कस्बे के ही जगदम्बा कसौधन, दिलीप दोसर वैश्य, राधे कृष्ण उपाध्याय, लालू, जौहरा, गुलशन जहां आदि डेंगू बुखार की चपेट में है। डेंगू प्रभावित मरीजों का लक्षण पॉजिटिव पाये जाने पर सीएचसी मनकापुर से इन मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा होने से इलाकाई लोग भी दहशत में हैं। स्वास्थ्य विभाग व नगर पंचायत की ओर से मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए दवा का छिड़काव तक नहीं कराया जा रहा।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. डीके भास्कर ने बताया कि सीएचसी पर डेंगू के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रतन कुमार भी इस बीमारी के उपचार के बाबत पूछे जाने पर अपने हाथ खड़े कर ले रहे हैं। उधर, कटराबाजार में तैनात अध्यापक डॉ. प्रवीण सिंह बघेल की हालत डेंगू से चिंताजनक होने पर उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया है।