गोंडा। शहर के सिविल लाइंस इलाके में जेल रोड स्थित एक मकान पर मालिकाना हक जताते हुए बृहस्पतिवार को सत्तापक्ष से जुड़े एक माननीय के समर्थक 20 गाड़ियों से कब्जा करने पहुंच गए। वहां ईंट-मौरंग गिराकर काम शुरू हो गया। इसी दौरान दूसरा पक्ष भी मौके पर पहुंच गया और रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच कर किसी तरह स्थिति संभाली। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया गया। पुलिस ने मकान में ताला लगवा दिया और नगर मजिस्ट्रेट को विवादित मकान की रिपोर्ट भेजी है।
जेल रोड स्थित मकान के मालिक तीन भाइयों में से एक से सत्तापक्ष से जुड़े माननीय के करीबी ने एक तिहाई भाग का बैनामा कराने का दावा करते हुए दीवार उठानी शुरू कर दी। वहां पहले से ही ईंट, मौरंग, बालू, सीमेंट के इंतजाम किए गए थे। इसकी जानकारी जब दूसरे पक्ष को मिली तो वह भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मकान के मालिक दो भाइयों से बैनामा कराने का दावा करते हुए विरोध किया। दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक के बाद गालीगलौज शुरू हो गई।
इसी बीच मौके पर पहुंचे सिविल लाइन चौकी प्रभारी अजय तिवारी ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन विवाद बढ़ते देख थाने से और फोर्स बुलाई। मौके पर नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, सीओ सिटी आनंद राय, नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी के भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। सीओ सिटी आनंद राय ने बताया कि मामला राजस्व से जुड़ा है। दोनों पक्षों को काेतवाली बुलाया गया था, एक पक्ष के लोग नहीं पहुंचे। शुक्रवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया है। कागजात देखने के बाद निर्णय लिया जाएगा।