परसपुर (गोंडा)। कोरोना संक्रमण के चलते बाहर से आए लोगों का सर्वे करने गई टीम पर गांव के लोगों ने हमला कर दिया और अभिलेख फाड़ दिए। मामला परसपुर थाना क्षेत्र का है। सर्वे टीम में शामिल आशा कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. एमपी यादव से शिकायत की। अधीक्षक ने कोतवाल को इस बारे में कार्रवाई के लिए जानकारी दी है।
बताया जा रहा है कि परसपुर थाना क्षेत्र के भौरीगंज क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं की टीम बाहर विदेश और गैर प्रदेशों से आए लोगों का सर्वे कर रही थी। वो लगभग दो दर्जन लोगों के बारे में जानकारी ले चुकी थीं। इसके बाद जैसे ही टीम एक युवक के घर पूछताछ के लिए पहुंची तो वहां मौजूद करीब आधा दर्जन लोगों ने आशा कार्यकर्ता और टीम पर हमला बोल दिया।
टीम के पास मौजूद सभी अभिलेखों को भी फाड़ डाला। इतना ही नहीं पीड़िता आशा कार्यकर्ता के बेटे को जमकर पीटा। किसी तरह वह अपनी जान बचाकर सीएचसी पहुंची। वहां पीड़ित आशा कार्यकर्ता बीना यादव और नीलम तिवारी की ओर से अधीक्षक डॉ. एमपी यादव को लिखित शिकायत दी गई। डॉ. यादव ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कोतवाल राम अवतार यादव को दी। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एमपी यादव ने बताया कि कार्रवाई के लिए कोतवाली पत्र भेजा गया है। इसके साथ ही करनैलगंज एसडीएम ज्ञानचंद्र गुप्ता और सीएमओ को भी इस घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई जगहों पर जांच करने गई टीम के लोगों के असहयोग की शिकायत मिल चुकी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि परसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भौरीगंज क्षेत्र में सर्वे करने गई टीम के साथ अभद्रता की शिकायत मिली है। इस बारे में कंट्रोल रूम को भी सूचना भेजी गई है। इसके साथ ही कार्रवाई के लिए एसपी को भी सूचना दे दी गई है। यदि जरूरी हुआ तो सुरक्षा बल के साथ गांव में टीम भेजी जाएगी।