गोंडा। एटीएस ने बृहस्पतिवार को धानेपुर थाना क्षेत्र के मदरसों की जांच शुरू कर दी है। शासन के आदेश पर जिले के करीब 286 मदरसों और मकतबों की जांच होनी है। इन संस्थानों में फंडिंग की पड़ताल के साथ ही संचालन की हकीकत परखी जाएगी। इसके लिए एटीएस ने जिले में डेरा डाल दिया है। एटीएस की आमद से जिले में खलबली मच गई है।
धानेपुर थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को पहुंची एटीएस ने ग्राम पंचायत त्रिभुवन नगर ग्रंट के खलिया, रेतवागाड़ा के गैवारजोत, श्रीनगर, सोमरही, विशुनपुर माफी के तिवारी पुरवा व जानकीनगर, गनेशपुर ग्रंट के सलमतडीह में संचालित मदरसों की जांच की। टीम ने मदरसा संचालकों से आवश्यक जानकारी जुटाई। टीम ने मदरसा संचालकों व सदस्यों से सवाल किया कि मदरसा का रजिस्ट्रेशन है कि नहीं? मदरसा किसकी भूमि पर बना है? यहां कब से संचालित हो रहा है। मदरसा में कितने शिक्षक हैं और कब से पढ़ा रहे हैं? कितने छात्र हैं और उनसे कितनी फीस ली जा रही? संचालित होने का समय क्या है, क्या यहां रात में भी कोई मौलवी या मौलाना रुकता है? फंडिंग समेत कई अन्य सवालों पर संचालकों को पसीना छूट गया।
एटीएस मदरसों की जांच-पड़ताल के साथ ही गतिविधियों का डाटा भी जुटा रही है। सूत्रों से पता चला है कि एटीएस को जांच में कई गड़बड़ी मिली हैं। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर एटीएस को जांच में पूरा सहयोग दिया गया है।
जिले में बिना मान्यता के संचालित मदरसों की पड़ताल पूर्व में प्रशासन ने कराई थी। जिसमें 286 मदरसों और मकतब बिना मान्यता के ही संचालित मिले थे। कई मदरसों ने संचालन बंद करने के लिए विभाग को प्रार्थनापत्र भी दिया था। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिले में हुई जांच की रिपोर्ट शासन को भेजी थी। जिसके आधार पर ही शासन स्तर से एटीएस जांच के आदेश हुए थे। तभी से अनुमान लगाया जा रहा था कि एटीएस कभी भी जिले में आ सकती है। बृहस्पतिवार को जांच शुरू होने से कार्रवाई के आसार बढ़ गए हैं।