गोंडा। उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में कोतवाली नगर की पुलिस ने एक और कार्रवाई की है। पुलिस ने 21.47 करोड़ रुपये की जालसाजी और गबन के मामले में वांछित चल रहे सहायक शाखा प्रबंधक सुशील कुमार गौतम को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के जरिये ऋण वितरण और खातों से धनराशि के दुरुपयोग में शामिल होने का आरोप है।
दो जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की गोंडा शाखा के सहायक महाप्रबंधक एवं मुख्य प्रबंधक भुवन चंद्र सती ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
शिकायत में बताया था कि शाखा में ऋण वितरण के दौरान गंभीर धोखाधड़ी की गई है। स्पेशल ऑडिट में सामने आया था कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल ने बैंक कर्मियों और खाताधारकों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी ऋण स्वीकृत किए।
आरोप है कि बिना पात्रता और जरूरी अभिलेखों के ऋण वितरित किए गए तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कर 205 खाताधारकों के ऋण और बचत खातों सहित पांच आंतरिक खातों से कुल 2147.78 लाख रुपये का गबन किया गया। इनमें पांच आंतरिक खातों से 46.13 लाख रुपये अनधिकृत रूप से निकालने की बात भी सामने आई थी। तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए गए सहायक शाखा प्रबंधक सुशील कुमार गौतम निवासी आलोक नगर सीतापुर रोड थाना अलीगंज जनपद लखनऊ को गिरफ्तार किया गया है।