गोंडा। देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर रविवार को पुष्प प्रदर्शनी लगाई गई। राजा देवी बख्श सिंह जलाशय के किनारे ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पर आयोजित पुष्प प्रदर्शनी ने हर किसी का मन मोह लिया। सुबह से ही जलाशय के चारों ओर लोगों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई रंग-बिरंगे फूलों की छटा और कबाड़ से बनी कलाकृतियों की अनोखी दुनिया देखने के लिए उत्सुक रहे।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने पुष्प प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, यह केवल एक फ्लावर शो नहीं, बल्कि एक जागरूकता अभियान है, जो हमें प्रकृति और नवाचार से जोड़ता है। उन्होंने कलाकृतियों के बारे में जानकारी हासिल की। कहा कि मृतप्राय तालाब का जीर्णोद्धार कराकर यह आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में फूलों की मनमोहक खुशबू के साथ ही कुछ ऐसा भी था, जिसने हर किसी को चौंका दिया। कबाड़ से बनी खूबसूरत आकृतियां, नगर पालिका परिषद द्वारा तैयार की गई ‘वेस्ट टू वंडर’ गैलरी में स्क्रैप धातु, कांच और प्लास्टिक से बनी शानदार मूर्तियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। वन विभाग ने ‘मेरी गोंडा, मेरी शान’ थीम पर हरियाली को बढ़ावा देने वाली कलाकृतियां प्रस्तुत कीं तो आबकारी विभाग ने शराब की बोतलों और पुराने डिब्बों से कलात्मक सजावट की थी। टायरों को गमले का रूप देकर सजावट की गई। स्वास्थ्य एवं उद्यान विभाग ने पुराने गमलों और टूटी हुई चीजों को नए रूप में पेश किया। एक विशाल ‘ग्रीन वॉल’ लोगों के आकर्षण का केंद्र रही, ये पूरी तरह से रिसाइक्लिंग सामग्री से बनी थी। डहेलिया, इम्पेशन, जर्मेनियम, पिटुनिया, अफ्रीकन डेजी, जरबेरा, बिगोनिया, ड्वार्फ कार्नेशन, गजानिआ, फ्लॉक्स, मार्गेट डेजी और डॉग फ्लावर जैसे दुर्लभ और खूबसूरत फूलों ने हर किसी को आकर्षित किया। प्रकृति प्रेमियों ने पसंदीदा फूलों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और बागवानी के टिप्स भी हासिल किए। छात्राओं ने रंगोली सजाई।
नगर पालिका परिषद गोंडा द्वारा म्युनिसिपल वेस्ट (पुराने लोहे के पाइप, रेलिंग में लगने वाली रॉड, पुरानी सरिया, गाड़ी की क्लच प्लेटें, कनस्तर की चादर आदि) का उपयोग करते हुए सूरजमुखी का फूल बनाया। पानी के पुराने टैंकर व ट्री गार्ड की खराब जालियों से फ्लॉवर पॉट बनाया गया। सरिया व लोहे के पाइप से गमलों के लिए विभिन्न प्रकार के स्टैंड बनाए गए। साथ ही पुराने टायरों को रंगकर गमले के स्टैंड का रूप दिया गया।
इन्हें मिला सम्मान
प्रथम स्थान: नगर पालिका गोंडा
द्वितीय स्थान: वन विभाग
तृतीय स्थान: कृषि विभाग
अतिविशिष्ट सम्मान: उद्यान विभाग
सामाजिक संस्थान श्रेणी
प्रथम स्थान: कृषि विज्ञान केंद्र
द्वितीय स्थान: शुक्ला बायोटेक
तृतीय स्थान: पानी संस्थान
सांत्वना सम्मान: अमित कुमार सिंह व हृदय राम यादव
शैक्षिक संस्थान श्रेणी
प्रथम स्थान: श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा
द्वितीय स्थान: जगदंबा शरण सिंह एजुकेशनल इंस्टीट्यूट बेलसर
तृतीय स्थान: सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली महिला डिग्री कॉलेज
सांत्वना पुरस्कार: श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, राजकीय पॉलिटेक्निक, एससीपीएम फार्मेसी कॉलेज, एससीपीएम बायोमेट्रिक गोंडा