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बेसिक शिक्षा के चार हजार शिक्षकों के नियुक्ति की होगी जांच

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गोंडा। बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों में नियुक्त चार हजार शिक्षकों के नियुक्ति की जांच शुरू हो गई है। सहायक शिक्षा निदेशक विनय मोहन वन ने जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है। डायट पर हर सोमवार को समिति में शामिल अधिकारी नियुक्ति प्रक्रिया के साथ ही चयन व अभिलेखों की जांच करेंगे। इसके साथ ही जांच की अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक की नजर भी रहेगी। सहायक शिक्षा निदेशक ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से वर्ष 2010 से नियुक्त हुए शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है।
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परिषदीय स्कूलों में बीते 9 सालों के भीतर नियुक्त हुए शिक्षकों की जांच के लिए कवायद तेज हो गई है। बीते एक साल में बीएसए के स्तर से हुई जांच में करीब 56 शिक्षकों की नियुक्तियां फर्जी अभिलेख पर पाईं गईं हैं। इनको सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है और दिए गए वेतन की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखा विभाग से रिपोर्ट ली जा रही है। इसी बीच सहायक शिक्षा निदेशक ने 9 साल के भीतर नियुक्त हुए शिक्षकों के चयन प्रक्रिया के साथ ही उनके वेतन भुगतान में लगाए गए पैन कार्ड की जांच शुरू कराई है। माना जा रहा है कि पैन कार्ड के मिलान से ही कई शिक्षकों के चयन में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अब एक साथ पूरे जिले के शिक्षकों की जांच शुरू हो रही है।
बीते साल भी जांच हुई थी अब सभी शिक्षकों की नियुक्ति की दोबारा जांच होगी। खंड शिक्षा अधिकारी अनिल झा, जैनेन्द्र गुप्त व आरपी सिंह की एक कमेटी बनाई गई है जिसमें डायट के दो वरिष्ठ लिपिकों को भी शामिल किया गया है। शिक्षकों के नियुक्ति प्रक्रिया की जांच के लिए बीएसए से चयन प्रक्रिया से जुड़े अभिलेख मांगे जा रहे हैं। सहायक शिक्षा निदेशक ने बताया कि चयन के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की पड़ताल होगी, इसके बाद मेरिट से मिलान होगा। चयन में तय मेरिट से कम के लोगों का चयन मिला तो भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा पैन कार्ड से पता किया जाना है कि कहीं और तो इसी नाम का व्यक्ति कार्यरत नहीं है। ऐसे में शिक्षकों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए हर सोमवार को डायट में नामित अधिकारी बैठेंगे और अभिलेखों की छानबीन करेंगे।
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शासन के निर्देश पर शिक्षकों के चयन की जांच कराई जा रही है। कई स्तर पर जांच होने पर नियुक्ति में फर्जीवाड़ा सामने आया है। सोमवार से शिक्षकों के चयन प्रक्रिया की जांच कराई जाएगी। -वियन मोहन वन, एडी बेसिक शिक्षा
फर्जीवाड़े से नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को चिह्नित कर सेवा समाप्त किए जाने की कार्रवाई की गई है। अभी भी कई मामलों की जांच की जा रही है। एडी बेसिक शिक्षा को भी जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। -मनिराम सिंह, बीएसए
तीन शिक्षकों के अभिलेख संदिग्ध, बीएसए ने किया तलब
गोंडा। बेसिक शिक्षा के तीन शिक्षकों के अभिलेख सदिंग्ध मिले हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने तीनों शिक्षकों को नोटिस जारी कर मूल अभिलेख मांगे हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच हो रही है। तीनों शिक्षकों के बारे में जानकारी की जा रही है और अभिलेखों में कमियों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने छपिया के प्राइमरी स्कूल भवाजितपुर की प्रधानाध्यापक नीलम, पूर्व माध्यमिक विद्यालय धानेपुर की सहायक अध्यापिका शशिरानी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय बहिराडीहा के अवधेश कुमार के अभिलेखों की जांच शुरू की है।
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