गोंडा। धोखाधड़ी और फर्जी बैनामे के जरिए जमीन हड़पने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों का अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी पवन कुमार ने पुलिस उपमहानिरीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पिता राम अयोध्या प्रसाद की मृत्यु 18 अप्रैल 2018 को सड़क हादसे में हो गई थी। ग्राम शिवगढ़ स्थित जमीन में सहखातेदार रहे पिता अयोध्या प्रसाद की मृत्यु के बाद वह बतौर सह खातेदार राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया।
इसके बावजूद धोखाधड़ी व कूटरचित कागजात के जरिए उनके स्थान पर बिहार में जिला सारन छपरा के थाना पानापुर के ग्राम मरवा बसहियां के रहने वाले बृजेश सिंह ने अपनी फोटो लगाकर जगदीश पांडेय से जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर बैनामा कर आठ मई 2018 को उपनिबंधक के कार्यालय में पंजीकृत करा दिया। जिसमें शिवगढ़ के राम चंदर व खरगूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम देवतहा निवासी शैलेंद्र गवाह हैं।
इस मामले में डीआईजी निबंधन के आदेश पर केस दर्ज कर कोतवाली नगर पुलिस विवेचना कर रही है। इस दौरान मुकदमे के तथ्य एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-नवीन) नम्रता अग्रवाल ने आरोपी शैलेंद्र व बृजेश का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को सुनवाई बाद खारिज कर दिया।