पसका संगम के त्रिमुहानीघाट पर कल्पवास करने आए दूरदराज के साधु-संतों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। उन्होंने पसका में दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वे लोग कल्पवास करने वाले स्थान पर शवों का दाह संस्कार स्थल बदलने की मांग कर रहे थे।
साधु-संतों ने सात दिनों के अंदर मांगें न पूरी होने पर अन्न-जल त्यागने की प्रशासन को चेतावनी दी है। जाम की सूचना पर पहुंचे एसओ के आश्वासन पर साधु-संत मान गए, तब जाकर जाम समाप्त हो सका।
त्रिमुहानपी घाट के समीप कल्पवास कर रहे नागा साधु-संतों ने घाट के समीप से दाह-संस्कार स्थल बदलकर दूसरे जगह शिफ्ट करने, त्रिमुहानी घाट के पास साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था कराने के साथ ही शुद्ध पेयजल व केरोसिन दिलाने समेत अलाव जलवाने की मांग पिछले एक सप्ताह से करते आ रहे हैं।
मगर प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। इससे शुक्रवार को साधु-संतों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने क्षेत्र के लोगों व स्कूली बच्चों के संग मिलकर सड़क जाम कर दिया। दो घंटे तक चले जाम की सूचना पर पहुंचे एसओ परसपुर देवेंद्र पांडेय ने साधु-संतों को जिला प्रशासन से वार्ता कर मांगें पूरी कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम समाप्त हो सका।
साधु-संतों ने मांगें पूरी न होने पर अन्न-जल त्याग करने के साथ ही जिला मुख्यालय पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। जाम करने वालों में बाबा संतोष दास, अशोक दास, बाबा राघवदास, नागा भोजपत्र गिरि, बाबा गरीबदास, नंददास, प्रेमदास त्यागी, तुलसी दास, रघुवर दयाल दास, सूर्यपाल दास आदि शामिल रहे।