रुपईडीह (गोंडा)। फसलों के हो रहे नुकसान से गुस्साए किसानों ने सोमवार की सुबह दो दर्जन से अधिक छुट्टा मवेशियों को रुपईडीह ब्लॉक परिसर में खदेड़कर बांध दिया। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार और प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने किसानों को मवेशियों को गोशालाओं में कराने का आश्वासन दिया।
किसानों का आरोप है कि सरकार की मंशा के अनुसार छुट्टा मवेशियों के लिए गोआश्रय केंद्र बनाए गए हैं। मगर प्रशासन की लापरवाही के कारण छुट्टा मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। कई बार इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव भी इसका निराकरण नहीं कर रहे हैं। सोमवार को किसानों को गुस्सा फूट पड़ा और किसानों ने छुट्टा मवेशियों को पकड़कर ब्लॉक परिसर में बांध दिया।
सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार इवेन्द्र, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रवींद्र यादव, चौकी प्रभारी अंकुर वर्मा ने किसी तरह से किसानों को समझाकर मवेशियों केे गोआश्रय केंद्र पहुंचवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान माने और मवेशियों को ब्लॉक परिसर से बाहर किया गया। इस दौरान राजस्व निरीक्षक विश्वनाथ तिवारी, लेखपाल कमला प्रसाद, ग्राम प्रधान राम करन चतुर्वेदी मौजूद रहे। एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव ने बताया कि उनके पास कुछ लोगों का फोन आया था। नायब तहसीलदार को भेजकर पशुओं को ब्लॉक परिसर से बाहर करवा दिया गया है।