गोंडा। बढ़ते अपराधों को देखते हुए और वाहनों के अवैध ढंग से इस्तेमाल को रोकने की दिशा में परिवहन विभाग तेजी से काम कर रहा है। बीते लगभग 6 महीने से सभी नये वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जा रही है। इसके बावजूद जिले में लाखों पुराने वाहन सड़कों पर बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दौड़ रहे हैं। लेकिन अब इसके लिए परिवहन विभाग ने तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में जिले में पंजीकृत लगभग तीन लाख पुराने वाहनों को भी हाई सिक्योरिटी नंबर से लैस किया जायेगा।
जिले स्तर पर ऐसे वाहनों को डाटा तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से वाहनों का अवैध ढंग से इस्तेमाल को रोका जा सकेगा। बता दें कि मौजूदा समय में कुल लगभग 3 लाख 45 हजार वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से सबसे अधिक संख्या दो पहिया वाहनों की है। आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान सत्र को छोड़ दें तो अभी भी पुराने 3 लाख से अधिक वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के ही चल रहे हैं। पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की जिम्मेदारी संबंधित वाहनों के डीलरों की होगी। जो एक निश्चित शुल्क लेकर इन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगायेंगे।
जिले में मौजूदा समय में वाहनों की संख्या
कुल वाहन 3 लाख 45 हजार
दो पहिया वाहन 2 लाख 85 हजार
निजी वाहन 17 हजार
ट्रैक्टर 30 हजार
कामर्शियल पैसेंजर 5 हजार 900
गुड्स व्हीकल 5 हजार 500
बिना हाई सिक्योरिटी लगभग 3 लाख 5 हजार
डीलर स्तर से बनेगी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
पुराने वाहनों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से लैस करने के लिए शासन की ओर से साफ निर्देश दिये गये हैं। ये काम डीलर स्तर से किया जायेगा। डीलर अपना एक आनलाइन पोर्टल बनायेगा, वहां वाहन स्वामी अपनी डिटेल अपडेट करेगा। इसके बाद सारी सूचनाये सही होने पर एक निश्चित तारीख दी जायेगी, उस दिन वाहन के साथ बुलाकर उसकी नंबर प्लेट को बदलकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगा दी जायेगी। -संजीव कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन
ऐसे काम करती है हाई सिक्योरिटी प्लेट
इस समय वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट डीलर स्तर से ही प्रदान की जाती हैं। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के किसी भी नये वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रिंट नहीं होगा। बताया जा रहा है कि हर नंबर प्लेट पर एक विशेष प्रकार गुप्त कोड होता है। वाहन में प्लेट लगाने के बाद फोटो को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है। इसी गुप्त क्यूआर कोड की सहायता आरसी प्रिंट होती है। नंबर प्लेट का यही क्यूआर कोड ही इस हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की खासियत है।