गोंडा। पुरानी हनुमानगढ़ी के रामलीला मैदान में तीन दिवसीय सरस मेले में ग्राहकों की कम आमद को देखते हुए दूसरे दिन शुक्रवार को आयोजन के समय में बदलाव किया गया है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अब दोपहर 12 बजे से स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों की बिक्री के साथ उनके प्रचार-प्रसार में जुट रही हैं।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण की ओर से आयोजित मेले में दूसरे दिन भी ग्राहकों की संख्या कम रहने से महिलाओं को उत्पादों की बिक्री के लिए अपेक्षित अवसर नहीं मिल सका। महिला समूहों की सदस्यों का कहना है कि मेले का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
जिला मिशन प्रबंधक (डीएमएम) अंबिका कनौजिया ने बताया कि मेले में लोगों की कम आमद को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर समय में आंशिक बदलाव किया गया है। मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को बढ़ावा देना है।