गोंडा। जिले में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम आने के बाद ऑटो चालक, किसान और मजदूर परिवारों की बेटियों ने नई उम्मीद जगाई है। बेटियों ने न सिर्फ टॉप 10 सूची में स्थान बनाया बल्कि आगे की पढ़ाई जारी रखने और बेहतर प्रदर्शन के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है। उनका मानना है कि परिस्थिति चाहे जो हो, मगर सफलता उनसे दूर नहीं रह सकती। इन बेटियों के अलग-अलग अरमान हैं। कोई डॉक्टर तो कोई इंजीनियर बनकर हौसलों को उड़ान देना चाहती हैं। पेश है रिपोर्ट :
डॉक्टर बनना है प्रिंसी का लक्ष्य
सुभागपुर के श्रीकुंज बिहारी स्मारक इंटर कॉलेज की हाईस्कूल की छात्रा प्रिंसी पाठक ने 95.83 फीसदी अंक हासिल कर जिले की टॉप टेन सूची में छठा स्थान हासिल किया है। बैनिया निवासी उनके पिता संतोष कुमार पाठक ऑटो चलाते हैं। मां संगीता पाठक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। परिवार की स्थितियों को मात देते हुए प्रिंसी ने ये मुकाम हासिल किया है। दो भाई व दो बहनों में प्रिंसी बड़ी हैं। वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल व घर में नियमित पढ़ाई की है। इसमें मां-पिता के साथ ही शिक्षकों का विशेष योगदान रहा है।
इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहीं विद्या
इटियाथोक के सरस्वती इंटर कॉलेज की छात्रा विद्या शुक्ला ने हाईस्कूल परीक्षा में 95.67 फीसदी अंक हासिल कर जिले में सातवां स्थान हासिल किया है। धानेपुर के गोपालपुर लालपुर गांव की रहने वाली विद्या के पिता सुरेंद्र शुक्ल खेती करते हैं। मां सुषमा देवी गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी विद्या इंजीनियर बनना चाहती हैं। वह जेईई की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया। सेल्फ स्टडी और शिक्षकों को मदद से अच्छे अंक मिले हैं। विद्या ने सफलता का श्रेय माता-पिता व गुरुजनों को दिया है।
डॉक्टर बनना चाहती हैं श्रेया
सुभागपुर के श्रीकुंज बिहारी स्मारक इंटर कॉलेज की छात्रा श्रेया पाठक ने हाईस्कूल में 95.50 फीसदी अंक हासिल करके जिले में आठवां स्थान हासिल किया है। तेलियानी पाठक निवासी पिता रमेश चंद्र स्थानीय स्तर पर किराने की दुकान चलाते हैं। हादसे के बाद पैर टूटने से चलने फिरने में लाचार हैं। मां शीला देवी गृहिणी हैं। श्रेया डॉक्टर बनना चाहती हैंं। परिजनों ने बताया कि दिव्यांग पिता की परेशानी को देखते हुए बेटी ने पढ़ाई में मेहनत के बूते अंक हासिल किए हैं। श्रेया ने सफलता के लिए मां-पिता व गुरुजनों का आभार प्रकट किया है।
इंजीनियर बनना है प्रियांशी का लक्ष्य
भोपतपुर के तेजपुर वलीउद्दीन इंटर कॉलेज की छात्रा प्रियांशी यादव ने इंटरमीडिएट में 91 फीसदी अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया है। मसकनवा कस्बा निवासी पिता पीतांबर यादव किसान हैं। मां कमला देवी गृहिणी हैं। खेती से बचे समय में पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं। प्रियांशी दो बहन और एक भाई में दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने शेड्यूल बनाकर पढ़ाई की। समय का सदुपयोग किया। परिजनों ने हौसला बनाए रखा है। प्रियांशी ने बताया कि उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे ममेरे भाई से गाइडेंस लिया। अब वह इंजीनियरिंग की तैयारी कर रही हैं।