मासूम बच्चों को अकेले छोड़ना उनकी जान जोखिम में डालना है। ऐसा ही एक वाक्या गोंडा क्षेत्र के गांव ढोंडा में घटित हुआ है। घर के आंगन में खेलते हुए 2 साल का मासूम पास ही रखे गर्म दूध के भगोने में गिर गया। इससे वह बुरी तरह झुलस गया।
इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। शुक्रवार की देर रात करीब 9:30 बजे मासूम का शव घर पहुंचा तो परिवार वालों में कोहराम मच गया।
घटना सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे की है। ढोंडा निवासी सेना में तैनात रोबिन कुमार का 2 वर्षीय पुत्र युग चौधरी सोमवार को घर के आंगन में खेल रहा था। खेलते हुए शाम करीब साढ़े सात बजे आंगन में रखे दूध के गरम भगोने के पास पहुंच गया।
खेल-खेल में वह दूध के भगोने में जा गिरा। उसमें गिरते ही वह जोर-जोर से चीखने लगा जिस पर परिवार वाले भागकर पास पहुंचे। दूध के गर्म भगोने में मासूम को गिरा देख परिवार वालों की चीख निकल गई। उसे भगाने से तत्काल निकाला गया लेकिन 80 फीसदी वह जल चुका था।
आननफानन में परिवार वाले अलीगढ़ शहर के निजी अस्पताल में ले गए जहां से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। शुक्रवार देर रात करीब 9:30 बजे युग की मौत हो गई। गांव में हर कोई मासूम की मौत से स्तब्ध है।