गोंडा। मां पाटेश्वरी देवी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को “एआई एज ए ड्राइवर ऑफ इनोवेशन” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेश से जुड़े विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को नवाचार के प्रमुख इंजन के रूप में स्थापित करने पर व्यापक मंथन किया।
ऑनलाइन जुड़े मुख्य वक्ता आईआईआईटी अगरतला के निदेशक प्रो. अभय कुमार ने कहा कि एआई अब केवल तकनीकी उपकरण नहीं, बल्कि विकास की परिवर्तनकारी शक्ति बन चुका है। स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, उद्योग और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रयोग से कार्यक्षमता, पारदर्शिता व गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
दक्षिण कोरिया से जुड़े एआई विशेषज्ञ डॉ. विवेक मौर्य ने अपने विशेष व्याख्यान में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि मशीन लर्निंग, डाटा एनालिटिक्स और रोबोटिक्स के समन्वय से नवाचार के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को शोध, पेटेंट और उत्पाद विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। टेक्निकल एजुकेशन विभाग के अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण ने भी विचार साझा किए। सेमिनार के संयोजक व कॉलेज के निदेशक प्रो. भारतेंदु नाथ मिश्र ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को एआई के नवीनतम रुझानों, नैतिक पहलुओं, डाटा सुरक्षा व जिम्मेदार उपयोग से अवगत कराना है।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल विश्वविद्यालय लखनऊ के वाइस चेयरमैन प्रो. जेपी पांडेय, इनोवेशन हब यूपी की सीआईओ वंदना शर्मा, एआई विशेषज्ञ उपेंद्र कुमार, डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर एआई के बारे में जानकारी दी। इस दौरान इंजीनियरिंग कॉलेज के साथ ही राजकीय पॉलीटेक्निक गोंडा के प्रधानाचार्य विनीत पांडेय व राजकीय पॉलीटेक्निक बलरामपुर के प्रधानाचार्य सनत कुमार पांडेय ने विभिन्न बिंदुओं पर एमओयू साइन किया।