पसका (गोंडा)। ग्राम डेहरास के अहेट गांव में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से तीन बच्चों की मौत से पूरा गांव करुण क्रंदन से गूंज रहा है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। घरों के चूल्हे नहीं जले। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी है।
अहेट गांव में रविवार को पानी से भरे गड्ढे में डूबने से निगम उर्फ राजाबाबू (09), राजन (10) और राज (10) की मौत हो गई थी। सोमवार को तीनों के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं। चंदन देवी, ननका व कंचन अपने बच्चे के चेहरे देखते ही दहाड़े मारकर रो-रोकर बेसुध हो रही थीं। पूरा गांव शोक में डूबा है। तीनों बच्चे गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते थे। तीन की मौत से गांव के 25 घराें में कोहराम मचा हुआ है। अधिकांश घरों में घटना के बाद से चूल्हे नहीं जले। हर कोई एक-दूसरे को सांत्वना दे रहा था। आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि प्रकरण जानकारी में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके आधार पर आश्रितों को मुआवजे का निर्धारण किया जाएगा।
करनैलगंज विधायक अजय सिंह ने सोमवार को अहेट गांव पहुंचकर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने भी मृतक के परिजनों से मुलाकात की।