गोंडा। किसानों की आय बढ़ाने व गन्ने के साथ दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग ने पहल की है। जिले में कुल 3,833 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विभाग की विशेष निगरानी में गन्ने के साथ सहफसली खेती कराई जाएगी। इसके लिए किसानों को उड़द व मूंग का बीज मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना के तहत 833 हेक्टेयर में गन्ने के साथ उड़द व 3,000 हेक्टेयर में गन्ने के साथ मूंग की बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक किसान कृषि विभाग कार्यालय, जनसेवा केंद्र या स्वयं ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। गन्ने के साथ उड़द एवं मूंग की सहफसली खेती के लिए लाभार्थियों का चयन ई लॉटरी से किया जाएगा। कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई है। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो ई लॉटरी से किसानों का चयन किया जाएगा।
ऐसे करें पंजीकरण
किसान किसी भी जनसेवा केंद्र या कृषि विभाग के कार्यालय पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। किसान खुद भी agridarshan.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। पोर्टल पर जाकर सबसे पहले किसान को अपना पंजीकरण संख्या डालनी होगी। यदि कृषि विभाग में पंजीकरण नहीं है तो पहले पंजीकरण कराना पड़ेगा। उसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी का सत्यापन कर बुकिंग कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद ई लॉटरी में चयनित किसान अपने विकासखंड स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार से पीओएस मशीन के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन कराकर मुफ्त बीज ले सकेंगे। एक हेक्टेयर में 20 किलोग्राम उड़द या मूंग का बीज दिया जाएगा।
किसानों की बढ़ेगी आमदनी
इस योजना से गन्ना उत्पादक किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा, साथ ही दलहन उत्पादन बढ़ने से मिट्टी की उर्वरता व पोषण सुरक्षा को भी बल मिलेगा। किसान जल्द ही पंजीकरण कराएं।
सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी