गोंडा। चिकित्सकों को धरती के भगवान का दर्जा दिया गया है। महाराजा देवी बख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों ने इस कथन को फिर सच कर दिखाया है। यहां आर्थो विभाग के डॉक्टरों की टीम ने हादसे में कटकर अलग हुए मरीज के हाथ को दोबारा जोड़ दिया है। वहीं, दो महीने पहले मार्ग दुघर्टना में घायल मनोज ने भी शनिवार को कदम आगे बढ़ा दिया। इसकी खुशी मरीजों के चेहरे पर भी साफ-साफ झलक उठी।
तरबगंज के बनगांव रतनपुर निवासी दरोगा यादव का सोमवार को कुदाल से हाथ कट गया था। अधिकांश नसें कट जाने के कारण कई डाक्टरों ने अपने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय के आर्थो विभाग में उन्हें भर्ती किया गया। विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अतुल सिंह के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर उसका हाथ जोड़ दिया। शनिवार को उनकी अंगुलियां काम भी करने लगीं।
इसी प्रकार शहर के लखनऊ रोड निवासी मनोज कुमार का 25 अक्तूबर को मार्ग दुर्घटना में पैर कट गया था। पहले लखनऊ दिखाया गया, लेकिन बहुत राहत न मिलने पर फिर जिले के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। शनिवार को मनोज कुमार दो महीने बाद कदम आगे बढ़ाते दिखाई पड़े। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि सभी विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति हो गई है, जिससे सर्जरी व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई है।