गोंडा। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद बुधवार को मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहा। सुबह आसमान में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि बारिश थमते ही उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। पूरे दिन गर्म और चिपचिपे मौसम के कारण लोग बेहाल रहे। घरों और बाजारों में पंखे व कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हुए।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मंगलवार की तुलना में एक डिग्री कम रहा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद वातावरण में नमी अधिक होने से उमस बनी रही।
दोपहर होते-होते उमस का असर और बढ़ गया। बाजारों में खरीदारी करने निकले लोग बार-बार पसीना पोंछते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भी चिपचिपी गर्मी ने परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही और कई लोगों ने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया।
उमस के बीच बढ़ रहे मौसमी बीमारियों के मरीज
उमस भरे मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, पेट दर्द, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
गर्मी में सेहतमंद रहने के टिप्स
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. शोएब इकबाल ने बताया कि लगातार बदल रहे मौसम के कारण वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले बढ़े हैं। उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ताजा एवं स्वच्छ भोजन करने, धूप और उमस में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।