गोंडा। जबरनगर रिंग बांध के कटने से पुराने पीडी (परसपुर-धौरहराघाट) बांध पर भी दबाव बढ़ने लगा है। बांध की मिट्टी कट रही है। जिसके चलते पानी का रिसाव शुरू हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अतिशीघ्र मरम्मत न की गई तो हालात खराब हो सकते हैं।
ग्राम पंचायत अमदही के डलई पुरवा धमसिहा मोड़ के पास रिसाव के चलते पीडी बांध में कटान शुरू हो गया है। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। तरबगंज और करनैलगंज तहसील के गांवों के लिए पीडी बंधा सुरक्षा कवच के रूप में काम कर रहा है। एसडीएम तरबगंज विशाल कुमार ने मंगलवार को पीडी बांध का निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को पुराने बांध की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने भी बांध की मौजूदा स्थिति देखी। करनैलगंज से परसपुर, धौरहराघाट होते हुए दुर्जनपुर घाट तक बना पीडी बांध दोनों तहसीलों के लिए सुरक्षा कवच माना जाता है।
तेजी से घट रहे नदी के जलस्तर ने मंगलवार को ग्राम बहुवन मदार माझा के पास कटान तेज कर दिया। बांध से लगा नदी का पानी उतरने के साथ ही कटान तेज होता जा रहा है। नकहरा के अलावा जिले की सीमा पर बसे बाराबंकी के गांव ग्राम परसावल, मांझा रायपुर, कमियार के लोग भी बाढ़ से जूझ रहे हैं। जिलाधिकारी नेहा शर्मा मंगलवार को बाढ़ प्रभावित गांव नकहरा व बहुवन मदार माझा के तटबंध पहुंचीं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। तटबंध पर दूर तक पैदल चलकर निरीक्षण किया। बांध पर मौजूद सहायक अभियंता अमरेश सिंह, अवर अभियंता रवि वर्मा को आवश्यक निर्देश दिए। तहसीलदार मनीष वर्मा ने बताया कि लगातार बाढ़ प्रभावित गांव की निगरानी हो रही है।