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डेढ़ साल बाद जगी उम्मीद फिर इंतजार में बदली

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गोंडा। कोरोना संकट में शिक्षक भर्ती के लिए 1620 पदों के लिए बुधवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में शुरू हुई काउंसलिंग में नौकरी के लिए लोग जान हथेली पर रखकर पहुंचे। कोरोना संकट में चिंता से दूर सिर्फ काउंसिलिंग के लिए सोशल डिस्टेसिंग के नियमों को भी अभ्यर्थी तोड़ते दिखे। हद तो यहां तक रही कि शिक्षा अफसरों के सामने ही नियमों को छज्जियां उड़ती रहीं और वह भी अनदेखी करते रहे। माइक से संदेश प्रसारित करने की औपचारिका जरूर होती रही। कड़ी मशक्कत के बाद काउंसलिंग करा रहे अभ्यर्थियों को चंद घंटे में ही झटका लगा, दोपहर बाद ही काउंसिलिंग स्थगित करने का आदेश आ गया। इसके बाद अभ्यर्थी मायूस होकर लौटे।
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जिले के प्राइमरी स्कूलों में रिक्त पदों के लिए काउंसिलिंग बुधवार की सुबह को शुरू हुई तो अफरा तफरी का माहौल रहा। जीजीआईसी में एक साथ 1620 लोगों को बुला लेने से काफी भीड़ हो गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार से 6 जून तक काउंसलिंग तय किया था, लेकिन कोई क्रम तय न होने से एक साथ ही लोग काउंसलिंग के लिए पहुंच गए। हाल यह रहा कि 11 काउंटर होने के बाद भी हर काउंटर पर 50 से 100 अभ्यर्थियों की भीड़ लग गई। महिला अभ्यर्थियों के साथ अभिभावकों के आने से और भीड़ रही। दो हजार के करीब लोग जमे रहे, इससे सोशल डिस्टेसिंग तो तार-तार रही, लोगों में कोरोना संकट की चिंता भी नहीं रही। काउंसलिंग व्यवस्था का सीडीओ शशांक त्रिपाठी, बीएसए डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, एडी बेसिक शिक्षा विनय मोहन वन ने निरीक्षण किया और अभ्यर्थियों से नियमों के पालन की अपील भी किया। इसके बावजूद नौकरी की चिंता में लोग नियमों को भूले रहे।
गर्मी और भीड़ से गश खाकर बेहोश हुई महिला अभ्यर्थी
काउंसिलिंग के दौरान बड़ी संख्या में भीड़ होने और गर्मी अधिक होने से अभ्यर्थियों को कई तरह की परेशानी उठानी पड़ी। छोटे बच्चों को लेकर पहुंची महिला अभ्यर्थियों को काफी दिक्कत आई, वहीं मेरठ की एक महिला अभ्यर्थी गर्मी से बेहाल होकर गश खाकर गिर गई। वह काफी देर बेहोश रही, लोगों ने पानी के छीटे मारे और पंखे में बैठाया तो उसे होश आया। वैसे गर्मी अधिक होने से अभ्यर्थियों को कई तरह की परेशानी उठानी पड़ी।
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फाइल और कवर का लगाया स्टाल और अधिक पैसे वसूले
काउंसिलिंग स्थल पर ही कुछ लोगों ने सामग्री का स्टाल लगा लिया। काउंसिलिंग में अभिलेेखों का जमा करना था। इसके लिए अभिलेख की सुरक्षा के लिए फाइल और फाइल कवर बेंचने में खूब मनमानी की। 20 रुपये की फाइल 80 रुपये में और 50 रुपये की फाइल को 120 रुपये में बेचा। अभ्यर्थी भी तैयारी से नही आए और उन्हें महंगे मूल्य पर फाइल कवर खरीदना पड़ा।
काउंसिलिंग स्थगित होने से लगा झटका, मायूस होकर लौटे
शिक्षक भर्ती की काउंसिलिंग को स्थगित किए जाने का फरमान दोपहर बाद ही जारी हो गया। हाईकोर्ट ने विवादों की सुनवाई के बाद भर्ती प्रक्रिया रोक दी। इसका आदेश आने पर अभ्यर्थी मायूस होकर लौटे और उन्हें फिर एक बार नौकरी की चिंता सता रही है। दुर्गेश ने कहा कि डेढ़ साल से वह लोग नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जगी थी फिर इंतजार करना होगा। अनुपमा ने कहा कि वह लखनऊ से आईं हैं अब फिर भर्ती रुक गई। न जाने कब भर्ती प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। इस तरह फैसला जानते ही अभ्यर्थियों के चेहरे मायूस हो गए, कइयों ने मोबाइल पर समाचार देखा और चिंता में डूब गए। वहीं काफी अभ्यर्थी आदेश की जानकारी होते ही लौट गए।
गेट पर रही भीड़, शहर में रहा जाम, जूझती रही पुलिस
काउंसिलिंग के दौरान गेट पर भी भारी भीड़ जमा रही। पुलिस पूरे दिन मशक्कत करती रही, फिर जाम से लोग हजूझते रहे। जिला अस्पताल से बड़गांव तक जाम ऐसा रहा कि लोगों को निकलना दूभर रहा। अभ्यर्थियों के वाहन भी फोरलेन पर ही खड़े रहे जिससे वाहनों सको निकलने में भी दिक्कत आई। बाद पुलिस ने काफी वाहनों को ठीक ढंग से खड़ा कराया और जाम से छुटकारे के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पहले ही दिन ज्यादा अभ्यर्थियों के आने से हुई दिक्कत
शिक्षक भर्ती के लिए 6 जून तक का समय तय किया गया था। पहले दिन ही काफी अभ्यर्थी आ गए, जिससे कुछ दिक्कत आई। बाद में व्यवस्था ठीक कर ली गई थी। बाद में विभाग से हाईकोर्ट के आदेश पर काउंसिलिंग को स्थगित कर दिया गया है।
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डॉ. इन्द्रजीत प्रजापति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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