मनकापुर एसडीएम से नाराज अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ लामबंद होकर शुक्रवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। तहसील भवन के पास लगे छायादार पेड़ों को कटवा देने व उनके कार्य व्यवहार से वकील खफा हैं। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण करने की मांग की है।
अधिवक्ता तहसील परिसर में शुक्रवार को क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं। पहले दिन मनकापुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चंद्रकिशोर पाठक व मंत्री गोमतीप्रसाद पाठक के साथ लालचंद्र शुक्ला, सुनील सिंह, रविशंकर मिश्र, सत्तार अली खां, कृष्ण गोपाल मिश्र, अवधेश मिश्र, वीके उपाध्याय, एहतियाज, मो. सिद्दीकी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।
वकीलों का आरोप है कि एसडीएम मनकापुर वीके सिंह द्वारा बीते माह अकारण तहसील परिसर में लगे छायादार पेड़ों को बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए ही कटवा दिया गया था। जिसकी मुख्यमंत्री से शिकायत पर सक्षम वन अधिकारी ने जांचकर आख्या भी दे दी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अधिवक्ताओं की मांग है कि दोषी अधिकारी के खिलाफ वन व पर्यावरण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाए तथा तत्काल रूप से एसडीएम को हटाया जाए। वकीलों का आंदोलन प्रखर होने पर एसडीएम ने तहसील के सभी पटलों पर तालाबंदी करवा कर सभी कर्मचारियों को डाक बंगले पर तलब कर लिया। इससे तहसील में आए फरियादी व वादकारी इधर-उधर भटकते रहे।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सीके पाठक ने बताया कि तहसील में तालाबंदी की सूचना पर जिले के डीएम आशुतोष निरंजन की चुप्पी प्रशासनिक विफलता का संकेत माना जा रहा है।
वहीं, एसडीएम वीके सिंह ने कहा कि जब तक वकीलों की हड़ताल जारी रहेगी, तब तक डाक बंगला में जनता दरबार लगा कर फरियादियों का कार्य किया जाएगा तथा सरकारी कार्यों में कोई बाधा नहीं उत्पन्न होने दी जाएगी।