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Gonda News: अधिवक्ताओं ने बंद कराए कार्यालय, एसडीएम ने खुलवाए

Fri, 10 Apr 2026 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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करनैलगंज। करीब डेढ़ माह से अधिवक्ताओं व तहसील प्रशासन के बीच चल रहे विवाद ने शुक्रवार को तूल पकड़ लिया। एसडीएम नेहा मिश्रा और आंदोलनकारी अधिवक्ता आमने-सामने आ गए। अधिवक्ताओं ने नोकझोंक के बाद न्यायालयों व कार्यालयों को बंद करवा दिया। बाद में एसडीएम ने कार्यालयों को खुलवा दिया।
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्यामधर शुक्ल और महामंत्री पवन शुक्ल की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने सुबह 10ः30 बजे नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों को उनके दफ्तरों से बाहर निकाल दिया। इसी बीच तहसील पहुंचीं एसडीएम कार्यालयों में ताला लटके देख नाराज हो गईं। उन्होंने न केवल सभी अदालतों व कार्यालयों का ताला खुलवाया, बल्कि लाउडस्पीकर से अधिवक्ताओं को खुलकर जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन तहसील भवन के बाहर होना चाहिए, अंदर नहीं। उधर, अधिवक्ताओं ने भी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल और एंबुलेंस को मौके पर बुला लिया गया। वकीलों का आरोप है कि एसडीएम ने उनके साथियों की कुर्सियां तोड़ने की कोशिश की, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। देखते ही देखते पूरी तहसील पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। गौरतलब है कि अधिवक्ता 27 फरवरी से ही एसडीएम और तहसीलदार की कार्यशैली के खिलाफ क्रमिक अनशन पर हैं।
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एडीएम की मध्यस्थता भी विफल हो चुकी है। अधिवक्ता, एसडीएम व तहसीलदार के तबादले की मांग पर अड़े हैं। पूरे दिन तहसील में गहमागहमी चलती रही और अधिवक्ता रह-रहकर नारेबाजी करते रहे। वहीं, एसडीएम भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्यालय में बैठकर शासकीय कार्य निपटाती रहीं।



लेखपाल संघ ने डीएम को भेजा निंदा प्रस्ताव

-उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने तहसील में तालाबंदी के दौरान राजस्व कर्मियों के साथ अभद्रता का आरोप लगाते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव पर करीब पांच दर्जन राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों के हस्ताक्षर हैं। यह प्रस्ताव जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।
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