गोंडा। सदर तहसील के मुख्यद्वार पर सोमवार सुबह अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। शाम को लिखित आश्वासन के बाद वकीलों का आंदोलन समाप्त हुआ।
अधिवक्ता सचिन मिश्र ने डीएम को भेजे गए पत्र आरोप लगाया कि गृह क्षेत्रों में लेखपालों की तैनाती के बावजूद लाभार्थियों का नाम खतौनी में दर्ज नहीं किया जा रहा है। पट्टा आवंटन में देरी हो रही है और प्रकरणों एवं वादों के निस्तारण में देरी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। शाम को अतिरिक्त उपजिलाधिकारी जितेंद्र गौतम ने अधिवक्ताओं की 10 मांगों पर लिखित आश्वासन दिया और कहा कि 15 दिन में सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। इस मौके पर पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, बिंदेश्वरी प्रसाद दुबे, सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री गौरीशंकर चतुर्वेदी, रितेश यादव, रमेश प्रताप सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। (संवाद)