आदेश के बावजूद हदबरारी के मामले में 15 साल से पैमाइश न करने तथा फरियादी को बार-बार दौड़ाने पर डीएम ने राजस्व निरीक्षक व लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। यह कार्रवाई डीएम ने जिला स्तरीय तहसील दिवस में फरियादी की शिकायत सुनने के बाद की है।
डीएम आशुतोष निरंजन ने मंगलवार को कहा कि तहसील दिवस में जनता त्वरित, गुणवत्तापूर्ण न्याय की आशा के साथ आती है। इसलिए सभी अधिकारी जनता की समस्याओं के निराकरण में और अधिक रुचि लेकर काम करें।
तहसील दिवस में रमवापुर नायक निवासी हरीराम वर्मा ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर कहा कि वह हदबरारी का मुकदमा विगत पंद्रह वर्षों से लड़ रहा है। इसमें कोर्ट की ओर से आदेश के बाद भी लेखपाल व कानूनगो ने आज तक पैमाइश नहीं कराई।
डीएम ने इस पर तहसील दिवस में कानूनगो कृष्ण बिहारी पांडेय तथा लेखपाल बलराम वर्मा से जवाब तलब किया तो वे बगले झांकने लगे। डीएम ने दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए हैं।
डीएम ने सार्वजनिक मार्ग, तालाब, चकमार्ग से अवैध कब्जे हटवाने को कहा। उन्होंने एक्सईएन जल निगम से कहा कि शासन की ओर से स्वीकृत सभी जनप्रतिनिधियों के हैंडपंपों को जून के अंत हर हाल में लगवाकर इसकी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं।
उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से कहा कि थानों में दलालों को चिह्नित कर कार्रवाई की। तहसील दिवस में कुल 112 शिकायतें आईं जिनमें से नौ का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
तहसील दिवस में सीडीओ जयंत कुमार दीक्षित, एसडीएम सदर अविनाश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक आरके सिंह, सीएमओ, पीडी, डीडीओ, डीपीआरओ सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।