फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gonda News: अदम का नाम जिंदा है, अदम का काम जिंदा है

Thu, 23 Oct 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन
परसपुर/पसका। जनकवि अदम गोंडवी की जयंती पर बुधवार को गजराज पुरवा में अदम गोंडवी प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में उनकी समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अपने समय में जो समाज की पीड़ा, शोषण और अन्याय देखा था, वह आज भी कहीं न कहीं जीवित है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से आम आदमी की व्यथा को आवाज दी थी। उनकी पंक्तियां ‘जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में, गांव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में’ आज भी उतनी ही प्रासंगिक प्रतीत होती हैं।
विज्ञापन


22 अक्टूबर 1947 को गजराज पुरवा में जन्मे जनकवि रामनाथ सिंह उर्फ अदम गोंडवी को याद करते हुए कांग्रेस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने कहा कि अदम गोंडवी ने अपने कलम के माध्यम से जो लड़ाई लड़ी, उसे परिणति तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में प्रख्यात शायर और कवि याकूब अज्म गोंडवी ने अपनी रचनाओं से वाहवाही लूटी। उन्होंने कहा :‘अदम का नाम जिंदा है, अदम का काम जिंदा है, अदम ने जो दिया दुनिया को, वो पैगाम जिंदा है।’




सम्मान देने की उठी मांग

परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि क्षेत्र की जो मांगें अदम गोंडवी ने उठाई थीं, वे आज भी अधूरी हैं। उन्होंने शासन से जनकवि को पद्मभूषण सम्मान देने की पुनः मांग की। उन्होंने बताया कि पूर्व डीएम राम बहादुर ने अदम गोंडवी को पद्मविभूषण देने की संस्तुति की थी, जिसकी फाइल आज भी सचिवालय में लंबित है। कार्यक्रम में अदम जी की धर्मपत्नी कमला देवी, पुत्र आलोक सिंह, अवनीश, बृजेश, रामदेव, पुष्पेंद्र, रितेश और गिरीश आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें