गोंडा। नगर कोतवाली परिसर में एसपी, एडीएम, ईओ, सीओ समेत अधिकारियों ने बैठक कर शहर को जाम मुक्त कराने की रणनीति बनाई। इस बार भी चौराहे से 50 मीटर दायरे में वाहनों के खड़े करने पर रोक लगाई गई है। इससे गुरुनानक चौक, रोडवेज बस अड्डा, बड़गांव पुलिस चौकी और मेडिकल कॉलेज के आसपास लगने वाले जाम से मरीजों को राहत दिलाई जाएगी। पिछले दिनों एंबुलेंस जाम में फंसने से सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट की मौत हो गई थी।
पिछले महीनों में देवीपाटन रेंज आईजी अमित पाठक खुद रेंज मुख्यालय को नया मापदंड स्थापित करने के लिए कवायद कर चुके हैं। जिले की पुलिस व नगर पालिका की लापरवाही से जगह-जगह जाम व अतिक्रमण के चलते राहगीरों को मुश्किलें उठानीं पड़ रही हैं। शनिवार को नगर कोतवाली परिसर में एसपी विनीत जायसवाल ने एडीएम, ईओ समेत अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। अधिकारियों ने कहा कि चौराहे पर ई रिक्शा चालकों के सवारी उतारने व बैठाने के चलते जाम से जूझना पड़ रहा है।
एसपी ने कहा कि चौराहे के आसपास 50 मीटर के दायरे में कोई भी वाहन खड़े नहीं होंगे। इसके साथ ही जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाएगा। साथ ही सुगम यातायात के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। यहां सबसे बड़ी चुनौती नगर पालिका परिषद के पटरी दुकानदारों को बताया जा रहा है। इसके चलते कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती है। एसपी ने कहा कि अस्पतालों के आसपास कोई एंबुलेंस नहीं फंसनी चाहिए। सभी सवारी वाहन मानक के अनुरूप ही चलें।
गुरुनानक चौक व रोडवेज के आसपास निजी बस चालकों का उत्पात रहता है। इतना ही नहीं, रोडवेज की बसें भी सवारियां लेती हैं। वहीं, बाद में मनमाना किराया भी वसूलने की शिकायतें आ रहीं हैं। एसपी ने कहा कि अवैध वसूली पर रोक लगनी चाहिए। इस दौरान एडीएम आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, एएसपी (पूर्वी) मनोज कुमार रावत, एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय और ईओ संजय कुमार मिश्र समेत आदि मौजूद रहे।
जाम से निजात दिलाने के लिए संवाद व कार्रवाई होगी
अधिकारियों ने बताया कि गुरुनानक चौक, गुड्डूमल चौरहा व जिला अस्पताल के आसपास ठेला लगाने वालों के साथ बैठक कर संवाद स्थापित किया जाएगा। साथ ही उन्हें बताया जाएगा कि निर्धारित स्थान पर ही ठेला लगाएं। अगर नहीं मानते हैं तो नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अधिकारियों ने गुरुनानक चौक से महिला अस्पताल तक निरीक्षण किया है। पूर्व में भी पुलिस अफसरों ने जाम से निजात के लिए रणनीति बनाई थी, मगर उसका अनुपालन नहीं हो पाया है।