गोंडा। ब्लड की अवैध रूप से खरीद-फरोख्त करने के आरोपी साहेब आलम की जमानत अर्जी पर न्यायालय ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) नित्या पांडेय की अदालत ने जमानत याचिका निरस्त कर दी।
अभियोजन के अनुसार, कोतवाली नगर क्षेत्र के एक अस्पताल में मरीज के लिए रक्त की जरूरत पड़ने पर आरोपी ने 12,500 रुपये लेकर रक्त उपलब्ध कराया। आरोप है कि गलत रक्त उपलब्ध कराने के बाद आरोपी पैसे वापस किए बिना वहां से चला गया। मामले में 11 जुलाई 2026 को रिपोर्ट दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर बरामदगी की। आरोपी साहेब आलम के कब्जे से ब्लड सेंटर के 10 पीले और 10 लाल कार्ड तथा 150 रुपये नकद बरामद होने का उल्लेख केस डायरी में है। पुलिस ने अन्य आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में ब्लड बैंक कार्ड, डिस्पोजल सिरिंज, मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की है।
बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे रंजिश के चलते फंसाया गया है। अभियोजन ने अपराध की गंभीरता और विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर जमानत का विरोध किया। अदालत ने पत्रावली और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया।