मंगलवार को एक लेखपाल पर डीएम की गाज गिरी। गलत वरासत दर्जगी करने के मामले में डीएम ने संबंधित लेखपाल का निलंबन करने के आदेश दिए हैं। दरअसल मंगलवार को कर्नलगंज में हुए तहसील दिवस में फरियादी ने डीएम से लेखपाल पर गलत वरासत दर्ज किए जाने की शिकायत की थी।
इस पर उन्होंने यह कार्रवाई का फरमान सुनाया। साथ ही उन्होंने अफसरों को आग्रह किया है कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से न लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। फर्जी आंकडे देने वाले अधिकारी चिंहित कर दंडित किए जाएंगे।
मंगलवार को अजय कुमार उपाध्याय ने तहसील दिवस में दर्जनों लोगों की शिकायतें सुनीं।मोहम्मदपुर गढ़वार निवासिनी सोनी पत्नी स्व. अवधराम ने शिकायत की कि दो माह पूर्व उसके पति की मृत्यु हो गई थी। इकलौती जीवित वारिस होने के बावजूद वहां के लेखपाल शिवकुमार सिंह ने गांव के ही रामनेवल नाम के व्यक्ति के पक्ष में गलत वरासत दर्ज कर दी।
इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने लेखपाल को निलंबित कर मामले की जांच कर पीड़िता के पक्ष में वरासत दर्ज करने के निर्देश तहसीलदार को दिए हैं। सकरौर इटही विकासखंड हलधरमऊ निवासिनी अनीता देवी पत्नी भैरवशंकर ने राजस्व निरीक्षक माताबदल पर रिपोर्ट भेजने के नाम पर पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है।
इस पर डीएम ने संबंधित राजस्व निरीक्षक को तलब कर फटकार लगाई। साथ ही तीन दिन में रिपोर्ट न उपलब्ध करा देने पर निलंबन किए जाने की चेतावनी भी दी। तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा में डीएम ने पाया कि जनपद में अब तक कुल 17 हजार 433 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए।
मंगलवार को तहसील दिवस में कुल153 शिकायतें आईं, इनके सापेक्ष 8 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक आरपीएस यादव, मुख्य विकास अधिकारी जयंत कुमार दीक्षित, एसओसी रवीन्द्र सिंह, पीडी वीरपाल, डीडीओ, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह, तहसीलदार कर्नलगंज, सीओ कर्नलगंज आदि मौजूद रहे।
डीआईजी जितेंद्र प्रताप सिंह ने थाना परसपुर व थाना कौड़िया का मुआयना कर तहसील दिवस रजिस्टर का अवलोकन किया। अवलोकित रजिस्टर में दर्ज मामलों के निस्तारण की गुणवत्ता तथा फरियादियों का मोबाइल नंबर अंकित न पाए जाने पर दोनों थानाध्यक्षों को फटकार लगाई।
तहसील दिवस के बाद डीआईजी व जिलाधिकारी ने पुलिस व राजस्व के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने भूमि विवादों के निस्तारण में राजस्व व पुलिस के बीच समन्वय की कमी पाई। इस परउन्होंने नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि बार-बार निर्देश के केवल कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। अब ऐसे राजस्व कर्मी एवं थानाध्यक्ष निलंबन के लिए तैयार रहें।