गोंडा। रेलवे लोको पायलटों के लिए एक आधुनिक छात्रावास बनाएगा। रेलवे नर्सरी की खाली पड़ी भूमि चिह्नित की गई है। इसमें लाइब्रेरी एवं योग के लिए व्यवस्था रहेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को इसका प्रस्ताव भेजा गया है ।
वर्तमान समय में गोंडा रेलवे में 90 लोको पायलट के लिए प्रशिक्षण के दौरान उन्हें रुकने के लिए रेलवे स्टेशन के पास छात्रावास बना हुआ है। यह काफी पुराना हो चुका है। यहां पर वर्तमान समय के सापेक्ष सुविधा कम है। धीरे-धीरे अब इलेक्ट्रिक इंजन को चलाने के लोको पायलटों की संख्या बढ़ रही है।
ऐसे में एक अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंजीनियरिंग रेलवे कॉलोनी के बगल स्थित खाली पड़ी रेलवे नर्सरी की जमीन पर मल्टी स्टोरी छात्रावास बनाए जाने की योजना है।
लोको शेड के वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर आशीष मद्धेशिया एवं सीनियर सहायक मंडल अभियंता (विशेष) आलोक श्रीवास्तव ने इसको लेकर संयुक्त रिपोर्ट पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को भेजी है।
वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर आशीष मद्धेशिया ने बताया कि वर्तमान समय में चल रही सारी सुख सुविधाओं से लैस होने के साथ ही बेहतर लाइब्रेरी एवं योग सिखाने के लिए व्यवस्था की गई है। इस छात्रावास के बनने से लोको पायलटों की संख्या भी काफी बढ़ जाएगी और उन्हें रहने के लिए अच्छी सुविधा भी मिलेगी।