गोंडा। यूपी कोऑपरेटिव बैंक की गोंडा शाखा से जुड़ा मामला पहले भी सामने आ चुका है। पीड़ित व्यापारी नेता महाराजगंज निवासी राम प्रकाश गुप्त का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज और गवाहों के सहारे उनकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम 25 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया, जिसकी उन्हें भनक तक नहीं लगी।
मामला तब उजागर हुआ जब अक्तूबर 2025 में इंडियन बैंक प्रबंधन ने फोन कर बताया कि उनकी खतौनी में किसी दूसरे के नाम पर ऋण दर्ज हो गया है, जिससे संपत्ति की वैल्यू शून्य हो गई है। जांच में सामने आया कि महारानीगंज निवासी सतई ने कूटरचित दानपत्र के जरिए राम प्रकाश की जमीन अपनी पत्नी किरन के नाम पांच जुलाई 2024 को गिफ्ट दिखा दी। इस फर्जी दानपत्र में आनंद अग्रवाल और रघुनंदन शर्मा को गवाह बनाया गया। इसके बाद उसी जमीन को आधार बनाकर कोऑपरेटिव बैंक से 25 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया।
आईजी के निर्देश पर 14 नवंबर 2025 को कोतवाली नगर में दर्ज हुई एफआईआर में सतई, किरन, आनंद अग्रवाल, रघुनंदन शर्मा, तत्कालीन प्रभारी उपनिबंधक चंद्र प्रताप वर्मा और तत्कालीन शाखा प्रबंधक को नामजद किया गया था। पुलिस इसकी जांच कर रही है। बैंक अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।