गोंडा। भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आरोप लगाया कि कुश्ती संघ के चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को हराने के बाद उनके खिलाफ साजिश रची गई। उन्होंने दावा किया कि साजिश में कुछ उद्योगपतियों समेत 42 लोग शामिल थे। सोमवार को विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कुछ नामी पहलवान कुश्ती की व्यवस्था में किए गए बदलावों से असहज थे।
बृजभूषण ने आरोप लगाया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के परिवार के दबाव में कुछ महिला पहलवान उनके खिलाफ बोलने के लिए तैयार हुईं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कई कुश्ती अकादमियां हैं, लेकिन महादेव रेसलिंग एकेडमी एक परिवार से जुड़ी है। इस एकेडमी को स्थापित करने में भूपेंद्र हुड्डा की अहम भूमिका रही है।
बृजभूषण ने पहलवानों के बयानों में विरोधाभास का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति, शपथपत्र और अदालत में दिए गए बयानों में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि जिन घटनाओं के आरोप लगाए गए, उस समय वह पहलवानों के साथ मौजूद ही नहीं थे।
बृजभूषण ने कहा कि जूनियर पहलवानों के हित में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ट्रायल की व्यवस्था में बदलाव किए गए थे। कुछ नामी पहलवान बिना निर्धारित प्रक्रिया से गुजरे सीधे बड़े मुकाबलों में जाना चाहते थे। इसी वजह से नियमों में बदलाव के विरोध को राजनीतिक रूप दे दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में यह आंदोलन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का राजनीतिक मुद्दा बन गया, जिससे खेल व्यवस्था के साथ महिला खिलाड़ियों को भी नुकसान हुआ। विधानसभा चुनाव को लेकर बृजभूषण ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की अपनी कोई ताकत नहीं है। कांग्रेस गठबंधन की स्थिति में समाजवादी पार्टी के सहारे चुनाव लड़ सकती है।