गोंडा। मातृ-शिशु मृत्युदर को कम करने के साथ ही एनआरएचएम योजना में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों का सच जानने के लिए गुरुवार को बिलगेट्स मिलिंडा फाउंडेशन कंपनी के लोग भारत सरकार की एक टीम के साथ गोंडा पहुंचे। यहां इन्होंने चार टुकड़ियों में टीएसयू प्रोग्राम (टेक्निक सपोर्ट यूनिट) में चयनित चार सीएचसी का जायजा लिया। साथ ही सीएमओ ऑफिस के मीटिंग हॉल में अफसरों के साथ बैठक की जिसमें मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और उसके आड़े आ रही तकनीकी बाधाओं के बारे में पूछा। अस्पताल में भर्ती होने, महिला के प्रसव होने सहित एनआरएचएम योजना में संचालित 13 राष्ट्रीय कार्यक्रमों का संचालन कैसे हो, इनमें आने वाली तकनीकी समस्याओं से कैसे निपटें, मरीजों की देखभाल, उनके ब्लड प्रेशर जांचने सहित उन्हें इंजेक्शन व ड्रिप कैसे लगाई जाए सहित गई गूढ़ जानकारियों को स्वास्थ्यकर्मियों को बताने व उन्हें ट्रेंड करने के लिए फाउंडेशन ने मंडल के चार जिलों में चार-चार सीएचसी का चयन किया है। जहां बाकायदा फाउंडेशन की ओर से अपने कर्मियों को लगाकर स्वास्थ्यकर्मियों के स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है।
गुरुवार को इन्हीं का जायजा लेने पहुंची बिलगेट्स मिलिंडा फाउंडेशन कंपनी की टीम ने भारत सरकार से आई एक टीम के साथ मिलकर जिले की चार सीएचसी वजीरगंज, मनकापुर, रुपईडीह व काजीदेवर का दौरा किया। टीम लीडर डॉ. अरुपदास की मौजूदगी में अमेरिका से आए एक प्रतिनिधि मंडल ने चार टुकड़ियों में बंटकर जिले में संचालित एनआरएचएम योजनाओं की पड़ताल की। अमेरिका से आई बिलगेट्स फाउंडेशन की टीम में डॉ. जेम्स के साथ ही यूपीटीएसयू के आठ व चार लोग भारत सरकार से मौजूद थे। पहले टीम ने सीएमओ आफिस के मीटिंग हॉल में सीएमओ डॉ. जेपी गुप्त से भी मुलाकात की। इस दौरान टीम के लोगों ने सीएमओ के साथ कई प्रभारी चिकित्साधिकारियों संग एक बैठक भी की। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने पर चर्चा की गई।