गोंडा। नेत्र सहायकों व निरीक्षकों पर बुधवार को एस्मा का असर नहीं दिखा। उनकी हड़ताल के कारण 50 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हो सका। हालांकि, जिला पुरुष व महिला अस्पताल समेत जिलेभर की सीएचसी और पीएचसी में रोज की तरह बुधवार को भी मरीजों का इलाज किया गया। एक्सरे, पैथॉलाजी जांचें हुईं और स्टाफ नर्स, डॉक्टर, फार्मासिस्ट व एएनएम ने भी काम किया। विकास भवन, कलेक्ट्रेट व कोषागार में भी सामान्य तौर पर कर्मचारी कार्य निपटाते नजर आए। वहीं, फील्ड कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें सीएमओ कार्यालय के भी कर्मचारी शामिल रहे। इस बीच सीएमओ कार्यालय पर ताला पड़ा रहा।
राज्य कर्मचारी अधिकार मंच व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में बुधवार को सिंचाई विभाग के फील्ड कर्मचारी, डिप्लोमा इंजीनियर्स, लेखपाल, अमीन, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत अन्य संगठनों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सीएमओ कार्यालय के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेता महिपाल चतुर्वेदी, सीतापति राम मिश्र, श्रीकांत तिवारी, इंद्रपाल तिवारी समेत अन्य ने सीएमओ कार्यालय के सामने धरना दिया। कुछ देर बाद जिला अस्पताल के लिपिक संवर्ग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने हड़ताल का समर्थन किया। वहीं, जिला महिला व पुरुष अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी व पीएचसी में स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ ने पहले की तरह कार्य किया। उधर, वजीरगंज सीएचसी पर स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में फील्ड वर्क कर्मचारियों ने कार्य नहीं किया। बभनजोत ब्लॉक मुख्यालय पर भी कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
हालांकि, नवाबगंज सीएचसी में आंख के मरीजों को समस्याएं झेलनी पड़ी। नेत्र सहायकों व निरीक्षकों की हड़ताल से 50 मरीजों की मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हो सका। स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारी विपिन तिवारी के नेतृत्व में नेत्र परीक्षकों ने कार्य बहिष्कार किया।