पीड़ितों को ईंधन तक नहीं, बाढ़ राहत केन्द्रों पर बाटी चोखा पार्टी
गोंडा। बाढ़ की आड़ में बाढ़ पीड़ितों के तीमारदार बने अधिकारियों-कर्मचारियों की चांदी है। बाढ़ राहत केंद्र पर आधी रात तक चोखा और बाटी की पार्टी चलती है। तो बाढ़ पीड़ितों को ईंधन की कमी के चलते सूखी रोटी भी मयस्सर नहीं हो रही है।
क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रशासन उन्हें कच्चा अनाज राशन किट का वितरण कर बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सुविधा मुहैया कराने का दावा कर रहा है। मगर बाढ़ पीड़ितों के सामने सबसे बड़ी समस्या ईंधन की बन चुकी है।
बाढ़ पीड़ितों ने किसी तरह से जान बचाकर सुरक्षित स्थानों और बांधों पर शरण ली है। जहां किसी तरह अनाज तो उन्हें मिल रहा है। मगर उसे बनाने के लिए ईंधन की कमी बड़ी समस्या बन कर उनके सामने खड़ी है।
वहीं बाढ़ राहत केंद्र पर अधिकारी व कर्मचारी चोखा और बाटी का आनंद लेते हैं और बाढ़ पीड़ितों को सूखी रोटी भी मयस्सर नहीं हो रही है।