मनकापुर (गोंडा)। सरयू नहर खंड तीन में अचानक पानी छोड़े जाने से गैजड़ा व कंधई जोत गांव के बीच नहर की पटरी कट गई। इससे दर्जनों किसानों की लगभग 90 बीघा फसल जलमग्न हो गई।
ग्राम प्रधान कौशलेंद्र ओझा ने बताया कि दो दिन पहले नहर में अचानक पानी छोड़ देने से शनिवार रात गांव के पास नहर कट गई। इससे संतोष गिरि, भोलेनाथ गिरि, नंदलाल, किशनलाल, राकेश, हरिचरन यादव, छेदी लाल गुप्ता, राहुल शर्मा, बड़का सहित दर्जनों किसानों की लगभग 90 बीघा गेहूं, सरसों व मटर की फसलें जलमग्न हो गईं। ग्राम प्रधान ने कहा कि बेहलनिया-झिलाही मार्ग के पूरब पंडित डड़वा गांव से पंडाजोत गांव के बीच अनदेखी करके लगभग पांच सौ मीटर नहर संकरी और ऊंची बना दी गई है। इसी वजह से पांच वर्षों से जब भी नहर में पानी छोड़ा जाता है तो गैजड़ा गांव के पास पानी के अधिक दबाव से नहर कट जाती है। इससे किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। किसान त्रस्त हैं। नहर विभाग में कई बार शिकायत की जा चुकी है।
नहर विभाग के जेई साहेब सिंह ने बताया कि नहर की पटरियों को चेक करने के लिए विशुनपुर ग्रामसभा के पास लगे नहर गेट को पांच सेंटीमीटर खोला गया था। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने गेट को अधिक खोल दिया। जिससे कुछ जगह पर नहर कट गई थी। जिसे ठीक करा दिया गया है।