वाबगंज के पंडितपुरवा गांव के पास रेलवे की बिजली लाइन के ओवरहेड इंसुलेटर का तार दुरुस्त करते कर्
नवाबगंज (गोंडा)। मनकापुर-अयोध्या मार्ग पर शनिवार को बड़ा हादसा होते-होते बच गया। 250 यात्रियों को लेकर अयोध्या से मनकापुर जा रही डेमू ट्रेन के पंडित पुरवा के पास पहुंचने पर रेलवे की बिजली की लाइन के ओवरहेड तार का एक इंसुलेटर अचानक टूट गया। इससे डेमू वहीं पर ठहर गई। रेलवे की तकनीकी टीम ने इंसुलेटर की मरम्मत करके बिजली की लाइन चालू की। करीब 50 मिनट बाद डेमू अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकी।
अयोध्या-मनकापुर रेलमार्ग पर शनिवार शाम 04:10 बजे अयोध्या कैंट स्टेशन से डेमू ट्रेन (64220) मनकापुर के लिए रवाना हुई। जब यह ट्रेन नवाबगंज रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर आगे बढ़ी तो पंडित पुरवा के पास ट्रैक के किनारे लगे पोल संख्या 20/5 के पास ओवरहेड तार का इंसुलेटर टूट गया। ट्रेन में तेज झटका लगा तो सहायक लोको पायलट कुलदीप वर्मा ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। साथ ही कंट्रोल रूम को सूचना दी।
कुछ देर में ही पावर वैगन से आई तकनीकी टीम ने इंसुलेटर की मरम्मत करके बिजली की लाइन चालू की। इसके बाद ट्रेन को मनकापुर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान करीब 50 मिनट तक ट्रेन को रोकना पड़ा। पूर्वोत्तर रेलवे गोंडा के क्षेत्रीय प्रबंधक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि इंसुलेटर टूटने से समस्या आई थी। इससे ट्रेन को रोकना पड़ा। पावर वैगन भेजकर इंसुलेटर को सही करा दिया गया।
झटका लगने के साथ खड़ी हो गई ट्रेन
यात्री पुरेंद्र पाठक ने बताया कि अयोध्या कैंट से वह ट्रेन में सवार हुए थे। नवाबगंज स्टेशन से आगे बढ़ने के बाद एकाएक झटका लगने के बाद ट्रेन रुक गई। हड़बड़ाकर कुछ लोग ट्रेन से उतरे। तभी कुछ पुलिसकर्मी आ गए। तब पता चला कि रेलवे की बिजली आपूर्ति लाइन का इंसुलेटर टूटने से ट्रेन रोकी गई है। यात्री मनीष तिवारी ने बताया कि तेज झटका लगने से वह घबरा गए थे। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ।
पांच मिनट पहले ही गुजरी थी अमृत भारत
मनकापुर-अयोध्या रेलमार्ग पर इंसुलेटर टूटने से पांच मिनट पहले ही अमृत भारत ट्रेन गुजरी थी। रेलयात्री इसको लेकर कई तरह की अटकलें लगा रहे थे। यात्रियों की मानें तो डेमू की स्पीड बहुत कम थी, इस वजह से कोई हादसा नहीं हुआ। इंसुलेटर टूटने की सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर राधेश्याम उपाध्याय ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। हालांकि इंसुलेटर टूटने की वजह नहीं पता चल सकी।
खोली में शांतनु का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता। -संवाद