बारिश होने से एक हजार क्विंटल अनाज भीगा
गोंडा। जिले में गुरुवार की रात में अचानक हुई झमाझम बारिश से खुले में पड़े करीब एक हजार क्विंटल अनाज भीग गया।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते किसानों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो गई। बारिश होने से सरकारी गेहूं भीगने के साथ व्यापारियों व क्रय केन्द्रों पर बेचने गये किसानों की उपज भीग गई।
जिले में 57 क्रय केन्द्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। बेहतर खरीद होने से तमाम गेहूं न सिर्फ बाहर डंप है बल्कि जगह न होने से किसानों के क्रय केंद्र पहुंचे गेहूं की खरीद नही हो पाने बाहर पड़ा है।
गुरूवार को अचानक हुई तेज बारिश में बाहर खुले में रखे अनाज भीग गए। कृषि उत्पादन मंडी समिति में तीन क्रय केंद्र बने हैं यहां खरीदा गया गेहूं टिन शेड में डंप है। बारिश से टिन शेड में लगे लाट भीग गये हैं।
मण्डी में खाद्य रसद विभाग के पण्डरी कृपाल ब्लाक के बने क्रय केंद्र के बाहर पड़ा किसान का गेहूं भीग गया। बताया जाता है कि एक किसान अपना गेहूं खाद्य रसद विभाग के क्रय केंद्र पर तौल कराने आया था। तौल न हो पाने से उसने अपनी उपज को क्रय केंद्र के सामने रख दिया।
रात में बारिश होने से उसका करीब 10 क्विंटल गेहूं भीग गया। इसके अलावा मंडी में व्यापारियों का भी अनाज खुले में रखा था जो बारिश से भीग गया। इसके अलावा जिले भर में बने क्रय केन्द्रों पर खरीदे गये गेहूं का भंडार व छाजन में रखने की व्यवस्था नही है इसके अलावा हैंडलिंग करने वाले ठेकेदारों की लापरवाही से तमाम गेहूं क्रय केंद्रों पर डम्प है।
कई जगह ढके न जाने से गेहूं भीग गया है। इस बारिश व लापरवाहियों से करीब 17 लाख रुपये का गेहूं भीगा है। वहीं इस मामले में खाद्य रसद विभाग के जिला विपणन अधिकारी अजय विक्रम सिंह का कहना है कि कहीं भी सरकारी गेहूं नही भीगा है।
भीगा गेहूं लेने से एफसीआई ने खड़े किये हाथ
क्रय केंद्रों से शुक्रवार को भी एफसीआई में गेहू की डिलेवरी दी गई। कई क्रय केंद्रों से गेहूं भीगा भी आया। एफसीआई के सूत्रों ने बताया कि कई क्रय केंद्रों से भीगा गेहूं भेजा गया जिसे लेने से मना कर दिया गया है।
भीगा बोरा व गेहूं रखने से वह गेहूं तो खराब होगा ही उसकी नमी से दूसरे लाट का अनाज भी खराब हो जाएगा। क्रय केंद्रों से आये गेहूं के बोरों की छटनी करायी गई। भीगे बोरों को लौटा दिया गया।