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अपात्रों को मिला आवास तो बख्शे नहीं जाएंगे जिम्मेदार

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अपात्रों को मिला आवास तो बख्शे नहीं जाएंगे जिम्मेदार
मंडलायुक्त ने दी अधिकारियों को दी सुधरने की नसीहत
लक्ष्य के सापेक्ष धीमी प्रगति पर आयुक्त ने लगाई फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। मण्डलायुक्त ने मंडल के जनपदों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला पंचायतराज अधिकारियों को शौचालय निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा मनरेगा की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों का चयन करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय व विधिक कार्यवाही कराते हुए वसूली कराने की कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त सभागार में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन व मनरेगा ेकी मण्डलीय समीक्षा के दौरान मण्डलायुक्त ने यह चेतावनी दी हैं।
समीक्षा बैठक में मण्डलायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास में लगातार अनियामिता बरते जाने की शिकायतें प्राप्त हो रहीं है। इसलिए स्पष्ट चेतावनी दी जाती है कि यदि आपत्रों का चयन कर अनुचित लाभ देने का मामला उनके संज्ञान में आएगा तो समबन्धित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्यवाही के साथ-साथ वसूली भी कराई जाएगी। शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में मण्डल में शौचालय निर्माण के लक्ष्य दो लाख दस हजार नौ सौ सत्रह शौचालयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें जनपद गोण्डा में 70537, बहराइच में 58938, श्रावस्ती में 39592 तथा बलरामपुर में 41850 शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। लक्ष्य के सापेक्ष पूरे मण्डल मे अब तक 38.59 प्रशित शौचालय ही बन पाए है। इसके अलावा ओडीएफ हेतु मण्डल में निर्धारित कुल 2305 राजस्व ग्रामों के सापेक्ष मात्र 13.51 प्रतिशत राजस्व ग्रामों को ओडीएफ कराया जा सका है जिसमें जनपद गोण्डा में 891, बहराइच में 694, बलरामपुर में 473 तथा श्रावस्ती में 247 राजस्व ग्रामों को ओडीएमफ किये जाने का लक्ष्य निर्धारित है। निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष गोण्डा में 12.40 प्रतिशत, बहराइच में 14.53 प्रतिशत, बलरामपुर में 5.85 प्रतिशत तथा श्रावस्ती में 27.18 प्रतिशत मात्र की प्रगति हासलि हो पाई है। राजमिस्त्रियों के प्रशिक्षण की समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि मण्डल में 6127 लक्ष्य के सापेक्ष 2927 राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है जिनमें गोण्डा से 2413 के सापेक्ष 850, बहराइच में 2017 के सापेक्ष 825, बलरामपुर में 1433 के सापेक्ष 472 तथा श्रावस्ती में 2064 के सापेक्ष 780 राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उपनिदेशक पंचायतीराज ने बताया कि मण्डल में अबतक कुल 176 ग्रामों को ओडीएफ किया जा चुका है जिसमें से 121 ग्रामों को मण्डल स्तर पर सत्यापित किया चुका है जबकि जनपद स्तर पर कुल 49 ग्राम ओडीएफ सत्यापन के लिए लम्बित हैं। आयुक्त ने डीडी पंचातीराज को निर्देश दिए कि मण्डल के जनपदों में तहसील में 44, थानों पर 43, ब्लाकों पर 44 मॉडल शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा कराकर शीघ्र रिपोर्ट दें। इसके अलावा मण्डलायुक्त ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में हैण्डपम्पों के उच्चीकरण एवं रिबोर, आंगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण राज्यवित्त चतुर्थ वित्त मनरेगा अंश के धनराशि के हस्तांतरण की स्थिति, हैण्डपम्प रिबोर के सम्बन्ध में वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, अनटाइड फण्ड से ग्राम पंचायतों में क्रय किए गए वजन मशीन एवं फागिंग मशीन की ग्राम पंचायतवार सूची की गहनता से समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। पंचायत विभाग की समीक्षा के बाद आयुक्त ने आईजीआरएस की समीक्षा की। उन्होने निर्देश
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बैठक में सीडीओ गोण्डा दिव्या मित्तल, सीडीओ बहराइच, उपनिदेशक पंचातीराज ए0के0 सिंह, पीडी डीआरडीए गोण्डा वीरपाल, डीपीआरओ गोण्डा घनश्याम सागर, डीपीआरओ बहराइच राजेन्द्र प्रकाश, डीपीआरओ बलरामपुर अवनीश कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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